मिडिल ईस्ट संकट में चीन की भूमिका संदिग्ध, EIC सौरभ शुक्ला का बड़ा खुलासा

न्यूज़ मोबाइल के EIC सौरभ शुक्ला ने मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति बेहद अस्थिर होती जा रही है और फिलहाल युद्ध खत्म होने के साफ संकेत नहीं दिख रहे हैं। सौरभ शुक्ला ने कहा कि किसी भी देश के नेता को दूसरे देश के नेता या उनके परिवार को लेकर अपमानजनक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने इसे “बेहद गलत और असभ्य” बताया।
अमेरिका में बढ़ रही चिंता
उन्होंने बताया कि अमेरिका में भी इस युद्ध को लेकर चिंता बढ़ रही है। यहां तक कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक भी लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के खिलाफ हैं। लोगों की उम्मीद थी कि शुरुआती रणनीतिक लक्ष्य पूरे होने के बाद युद्ध खत्म कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सौरभ शुक्ला के मुताबिक, हाल ही में ट्रंप के संबोधन से उम्मीद थी कि वह जल्द युद्ध खत्म करने की घोषणा करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं होने से स्थिति और ज्यादा अस्थिर हो गई है।
कूटनीतिक बातचीत में भी रुकावट
उन्होंने कहा कि शांति के लिए चल रही बातचीत भी आगे नहीं बढ़ पा रही है। कुछ देशों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे देश, जिन पर भरोसा नहीं किया जा सकता, अगर बीच में आकर समझौता कराने की कोशिश करेंगे तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
चीन की भूमिका पर सवाल
सौरभ शुक्ला ने चीन पर भी आरोप लगाए कि वह इस युद्ध को बढ़ाने में भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर चीन इस तरह की गतिविधियों को बंद करे, तो क्षेत्र में शांति स्थापित हो सकती है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक युद्ध खत्म होने की आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक हालात ऐसे ही अस्थिर बने रहेंगे। सौरभ शुक्ला के इस बयान से साफ है कि मिडिल ईस्ट का संकट अभी खत्म होने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।





