भगवंत मान वीडियो विवाद में नया मोड़, राघव चड्ढा ने FIR और जांच की मांग की

पंजाब की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) नेता और वर्तमान भाजपा सांसद राघव चड्ढा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ FIR दर्ज करने और कथित फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट की जांच कराने की मांग की।
राघव चड्ढा ने क्या कहा?
राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि भगवंत मान और आम आदमी पार्टी ने कथित वीडियो मामले में खुद को बचाने के लिए एक “फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट” तैयार करवाई। उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़ा पूरा सच सामने आना चाहिए और जांच की जानी चाहिए कि रिपोर्ट तैयार करने में किन अधिकारियों और लोगों की भूमिका रही।
चड्ढा ने दावा किया कि सिख समुदाय इस पूरे विवाद से आहत है और मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
Raghav Chadha ने कथित Sacrilege Video Controversy को लेकर Bhagwant Mann के इस्तीफे की मांग की है।#RaghavChadha #BhagwantMann #PunjabPolitics #SacrilegeRow #AAP #SikhCommunity #PunjabNews #PoliticalNews #BreakingNews #IndiaNews #Trending #NewsUpdate pic.twitter.com/lRbzXCkliX
— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) June 25, 2026
FIR और इस्तीफे की मांग
राघव चड्ढा ने मांग की कि:
- भगवंत मान के खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
- कथित फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट की जांच हो।
- रिपोर्ट तैयार कराने में शामिल लोगों की पहचान की जाए।
- मुख्यमंत्री भगवंत मान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।
गुरुग्राम पुलिस की जांच में नया खुलासा
मामले में नया मोड़ तब आया जब गुरुग्राम पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि इन लोगों ने कथित रूप से एक फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाई थी, जिसके लिए लगभग 10 लाख रुपये का लेनदेन हुआ।
पुलिस के अनुसार जांच में कुछ पंजाब पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
भगवंत मान ने आरोपों को बताया साजिश
मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं। उनका कहना है कि वायरल वीडियो पूरी तरह फर्जी है और उन्हें बदनाम करने के लिए राजनीतिक साजिश रची गई है।
मान ने आरोप लगाया कि भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल मिलकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि फोरेंसिक जांच में यह साबित हो चुका है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वे नहीं हैं।
अकाल तख्त ने भी दिखाई सख्ती
विवाद बढ़ने के बाद अकाल तख्त ने भी मामले का संज्ञान लिया था। इस दौरान भगवंत मान को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया गया था। मामले को लेकर सिख समुदाय के कुछ संगठनों ने भी नाराजगी जाहिर की है।
पंजाब की राजनीति में बढ़ा तनाव
भगवंत मान वीडियो विवाद अब केवल एक वायरल वीडियो का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह पंजाब की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक तरफ विपक्ष मुख्यमंत्री के इस्तीफे और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक साजिश बता रही है।
आने वाले दिनों में पुलिस जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट से जुड़े तथ्यों के सामने आने के बाद ही इस विवाद की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।





