20 साल बाद खत्म हुआ एक युग, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के साथ ही लगभग 20 साल का एक राजनीतिक दौर खत्म हो गया।
नीतीश कुमार ने पटना स्थित राजभवन में राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंपा। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना है, जो अब राज्य के नए मुख्यमंत्री बन सकते हैं। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार अब राज्यसभा जाएंगे और नई सरकार को बाहर से मार्गदर्शन देंगे। इस्तीफे से पहले नीतीश कुमार ने कैबिनेट बैठक भी की थी। उनके इस फैसले के बाद अब बिहार में पहली बार पूरी तरह बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है।
अपने बयान में नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कानून-व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में काम किया और हर वर्ग—हिंदू, मुस्लिम, पिछड़े, दलित और महिलाओं के विकास पर ध्यान दिया। उन्होंने भरोसा जताया कि नई सरकार उनके सहयोग और मार्गदर्शन में राज्य को आगे बढ़ाएगी।
नीतीश कुमार ने 24 नवंबर 2005 को पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके कार्यकाल में बिहार ने विकास की दिशा में कई कदम बढ़ाए और कानून-व्यवस्था में सुधार देखने को मिला। हालांकि, उनकी राजनीति बार-बार गठबंधन बदलने को लेकर भी चर्चा में रही।
उन्होंने 2013 में बीजेपी से अलग होकर आरजेडी-कांग्रेस के साथ गठबंधन किया, फिर 2017 में दोबारा एनडीए में लौटे। 2022 में फिर महागठबंधन के साथ गए और बाद में एक बार फिर बीजेपी के साथ आ गए। इसी वजह से विपक्ष उन्हें अक्सर ‘पलटू राम’ कहकर निशाना बनाता रहा। अब बीजेपी के नेता सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार बनने की तैयारी है। बिहार विधानसभा में एनडीए के पास कुल 202 विधायकों का समर्थन है, जिससे सरकार बनाना आसान माना जा रहा है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पटना पहुंचे हैं और सरकार गठन की प्रक्रिया पर नजर रखे हुए हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि नई सरकार बिहार के विकास को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।





