एयर इंडिया ने दी चेतावनी: A320 बेड़े में बदलाव के चलते उड़ानों में देरी संभव

एयरबस ने अपनी A320 सीरीज़ के विमान उड़ाने वाली दुनिया भर की एयरलाइंस को एक तात्कालिक निर्देश जारी किया है। कंपनी ने बताया है कि ऊँची उड़ान भरते समय सोलर और कॉस्मिक रेडिएशन के कारण विमान के एक महत्वपूर्ण फ्लाइट-कंट्रोल कंप्यूटर में इस्तेमाल होने वाला डेटा प्रभावित हो सकता है।
एयरबस ने लगभग 6,000 विमानों में तुरंत बदलाव करने की सलाह दी है, हालांकि इनमें से ज्यादातर में सिर्फ एक साधारण सॉफ्टवेयर अपडेट की जरूरत होगी। यह समस्या A320 के साथ-साथ A318, A319 और A321 विमानों में भी पाई गई है। यह खामी ELAC कंप्यूटर में है, जो विमान के एलिवेटर और एइलरॉन को नियंत्रित करता है और विमान के पिच और रोल यानी ऊँचाई और झुकाव को मैनेज करता है।
यह तकनीकी कमजोरी अमेरिका में हाल ही में सामने आए एक हादसे के बाद पता चली। 30 अक्टूबर को JetBlue Airways के एक A320 विमान को अचानक ऊँचाई में तेज गिरावट आने के बाद फ्लोरिडा में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। इस घटना में 15 यात्री घायल हो गए थे। एयरबस ने इस असुविधा के लिए माफी मांगी है और माना है कि इससे एयरलाइंस और यात्रियों दोनों को ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
We are aware of a directive from Airbus related to its A320 family aircraft currently in-service across airline operators. This will result in a software/hardware realignment on a part of our fleet, leading to longer turnaround time and delays to our…
— Air India (@airindia) November 28, 2025
कंपनी ने बताया कि लगभग 5,100 विमान सिर्फ सॉफ्टवेयर पैच से ठीक हो जाएंगे, लेकिन पुराने मॉडल के विमानों में हार्डवेयर बदलाव भी करने होंगे। इन्हें कुछ समय के लिए ग्राउंडेड यानी उड़ानों से हटाना पड़ेगा। एयरबस ने कहा, “हमें पता है कि इससे यात्रियों और एयरलाइंस को असुविधा होगी, लेकिन सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।”
एयर इंडिया ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। एयरलाइन ने लिखा, “हम Airbus द्वारा जारी निर्देश से अवगत हैं, जो A320 परिवार के विमानों से जुड़ा है। इसके कारण हमारे कुछ विमानों में सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर अपडेट किए जाएंगे, जिससे टर्नअराउंड टाइम बढ़ सकता है और हमारी उड़ानों में देरी हो सकती है। इस दौरान यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है।”
ब्रिटेन की UK Civil Aviation Authority (CAA) ने भी कहा है कि एयरबस के इस कदम का असर उड़ानों पर पड़ेगा और “कुछ उड़ानों में देरी या रद्दीकरण की संभावना” है।
जैसे-जैसे एयरलाइंस अपने बेड़े में अपडेट लागू कर रही हैं, दुनिया के कई बाजारों में यात्रियों को अस्थायी देरी और शेड्यूल में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है, जब तक कि सभी विमान अपडेट नहीं हो जाते।





