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भारत में कोरोना के एक्टिव केस बढ़े, सरकार सतर्क, 7 मरीजों की मौत की पुष्टि

देश में कोरोना वायरस के मामले एक बार फिर से धीरे-धीरे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, फिलहाल भारत में कोविड-19 के कुल 2,710 सक्रिय मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 1,170 मरीज पूरी तरह ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं। हालांकि चिंता की बात यह है कि बीते कुछ दिनों में अलग-अलग राज्यों से सात मरीजों की मौत की पुष्टि भी हुई है। इन मौतों के मामलों में ज़्यादातर मरीज पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे, जिससे यह साफ होता है कि कॉमॉर्बिडिटी कोरोना संक्रमण के साथ मिलकर मरीज की स्थिति को और ज्यादा बिगाड़ सकती है।

राजधानी दिल्ली में एक 60 वर्षीय महिला की मौत दर्ज की गई है, जिन्हें पेट की गंभीर समस्या के चलते ऑपरेशन कराया गया था। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, उनकी मौत के बाद कोविड संक्रमण की पुष्टि हुई, यानी यह एक सह-घटना के रूप में सामने आया। गुजरात से भी एक मौत की रिपोर्ट आई है, हालांकि उस मरीज की पूरी जानकारी आना बाकी है। कर्नाटक में 70 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौत हुई है जिन्हें पहले से कई गंभीर बीमारियां थीं। वह दिल और दिमाग की जटिल बीमारियों, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग से पीड़ित थे। उनकी कोविड की जांच RT-PCR से की जा रही है और रिपोर्ट का इंतजार है।

महाराष्ट्र से दो मौतों की जानकारी सामने आई है। पहला मामला 67 वर्षीय एक पुरुष का है जिन्हें तेज बुखार, सांस की गंभीर समस्या, फेफड़ों का संक्रमण और अन्य बीमारियां थीं। वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। दूसरा मामला 21 वर्षीय एक युवक का है, जो शुगर की गंभीर स्थिति यानी डायबिटिक कीटोएसिडोसिस और सांस की बीमारी से पीड़ित था। इनमें से एक की मौत को आधिकारिक रिकॉर्ड में जोड़ा गया है। पंजाब में भी एक 39 वर्षीय व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जो हेपेटाइटिस बी और एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम से पीड़ित थे। तमिलनाडु से भी एक मरीज की मौत दर्ज की गई है, जो 60 साल के थे और टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और किडनी की बीमारी जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।

इन आंकड़ों के बीच सबसे ज्यादा सक्रिय केस की बात करें तो केरल में कोविड संक्रमण की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। वहां 1,147 एक्टिव केस दर्ज किए गए हैं। वहीं बिहार से अभी तक ताजा दैनिक आंकड़ों की रिपोर्ट नहीं आई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी बताया है कि कुछ राज्यों में कोविड से हुई मौतों का आंकड़ों में पुनर्मिलान किया जा रहा है, जिससे वास्तविक स्थिति का स्पष्ट आकलन हो सके।

सरकार ने साफ किया है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से की जा चुकी हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य और आयुष राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क है और हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि सभी राज्यों के स्वास्थ्य और आयुष सचिवों से बात की जा चुकी है और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि कोविड की पिछली लहरों के दौरान जो बुनियादी स्वास्थ्य ढांचा तैयार किया गया था, जैसे ऑक्सीजन प्लांट, आईसीयू बेड और मेडिकल सप्लाई, उसकी दोबारा समीक्षा की गई है और ज़रूरत के अनुसार तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं।

केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। सरकार ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी है। मास्क पहनना, हाथों की सफाई और भीड़भाड़ से बचाव जैसे बुनियादी नियमों का पालन अब भी जरूरी है। विशेषज्ञों की मानें तो जिन लोगों को पहले से कोई गंभीर बीमारी है, उन्हें खास सतर्कता बरतने की जरूरत है क्योंकि संक्रमण उनके लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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