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फैक्ट चेक: बुजर्ग व्यक्ति की पिटाई के पुराने वीडियो को हालिया में भ्रामक दावे के साथ किया जा रहा है वायरल

फैक्ट चेक: बुजर्ग व्यक्ति की पिटाई के पुराने वीडियो को हालिया में भ्रामक दावे के साथ किया जा रहा है वायरल

 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग एक बुजुर्ग आदमी को बीच सड़क पर बर्बरता से पीटते हुए देख रहा। वीडियो के बैकराउंड में एंकर को यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि बुजर्ग को इसलिए पीटा जा रहा है क्योंकि उसने भारत माता की जय बोला था।

फेसबुक पर वायरल वीडियो शेयर कर हिंदी भाषा में लिखा गया है कि,’अतुल्य भारत! एक बूढ़ा आदमी चिल्लाता है “भारत माता की जय”… फिर देखिये उसे क्या “इनाम” मिलता है।’

 

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि पुराना है।

 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में  तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज टूल के माध्यम से खोजना शुरू कर दिया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो फेसबुक पर जस्सी सिंह नामक प्रोफाइल पर मिला, फेसबुक पर अक्टूबर 20, 2019 को वायरल वीडियो अपलोड किया गया था।

 

 

पुष्टि के लिए हमने गूगल पर अब कुछ संबंधित कीवर्ड्स के साथ खोजना शुरू किया। जिसे बाद हमें वायरल वीडियो Manjinder Singh Sirsa नामक आधिकारिक फेसबुक प्रोफाइल पर वायरल वीडियो मिला। जिसे अक्टूबर 19, 2029 को अपलोड किया गया था।  अब यह साफ़ हो गया था कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2019 के दौरान का है।

 

सिरसा ने इस वीडियो को राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के आज़ाद चौक मार्केट का बताया है। इसलिए अब हमने वायरल वीडियो को लेकर भीलवाड़ा जिले की पुलिस से संपर्क कर मामले की जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया। इस दौरान हमारी बात फ़ोन पर भीलवाड़ा जिले के ASP विमल सिंह नेहरा से हुई।

उन्होंने हमें बताया कि यह घटना अक्टूबर 15, 2019 की है। जहां होतचन्द जिनकी उम्र 55 साल के व्यक्ति से कुछ लोगों ने आपसी विवाद व गली गलौज को लेकर मार पीट की गयी थी। उन्होंने हमें बताया कि इस मामले में उस दौरान कुछ लोगों की गिरफ़्तारी भी की गयी थी।  

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2019 का है साथ ही यह घटना आपसी विवाद और गली गलौज को लेकर हुई थी।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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