बिहार जाति सर्वेक्षण डेटा पर चर्चा के लिए नीतीश कुमार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में जारी राज्य जाति-आधारित जनगणना रिपोर्ट का विवरण साझा करने के लिए मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिससे विवाद पैदा हो गया है. बैठक का उद्देश्य सामाजिक विकास के लिए आवश्यक उपायों पर विचार-विमर्श करना है.
उन्होंने सभी नौ राज्य दलों से बैठक में भाग लेने का आग्रह किया, और उन्हें परिणाम प्राप्त करने के लिए नियोजित तरीकों और सर्वेक्षण की गई आबादी की आर्थिक स्थितियों पर विस्तृत जानकारी की गारंटी दी.
मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने कहा, ”पूरे प्रयास के बाद नतीजा सामने आया है. हमने प्रत्येक परिवार की वित्तीय स्थिति का आकलन किया. सर्वदलीय बैठक के दौरान हम पारदर्शिता के साथ सभी विवरण पेश करेंगे.’ सरकार बैठक में सभी के इनपुट पर विचार करते हुए आवश्यक उपाय लागू करेगी.”
बिहार सरकार ने सोमवार को अपनी जाति-आधारित जनगणना के लंबे समय से प्रतीक्षित डेटा जारी किया, जो राज्य की विविध जनसांख्यिकी के बारे में जानकारी प्रदान करता है. इस खुलासे में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी), अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अनारक्षित श्रेणी सहित विभिन्न समुदायों के लोगों के बारे में विवरण शामिल है.





