NM वेरिफाइडताज़ा खबरें

फैक्ट चेक: सड़क पर सेना के जवानों का किए गए अभिवादन के इस वीडियो को गलत संदर्भ में शेयर किया जा रहा है, जाने पूरा सच 

फैक्ट चेक: सड़क पर सेना के जवानों का किए गए अभिवादन के इस वीडियो को गलत संदर्भ में शेयर किया जा रहा है, जाने पूरा सच 

 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में कुछ लोगों को सड़क से गुजर रहे आर्मी के ट्रकों में बैठे जवानों का अभिवादन करते हुए देखा जा रहा है। इसी वीडियो को अग्निपथ योजना के विरोध में देश हो रहे प्रदर्शन से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। वीडियो को इंटरनेट पर शेयर कर लिख गया है इंडियन आर्मी के 5 ट्रक जवानों ने लाठी चर्च करने से मना किया चाहे नौकरी से निकल दो! पुलिस वालों से निवेदन है कि वो भी समर्थन करें।  

फेसबुक का लिंक यहाँ देखें।

दरअसल केंद्र सरकार ने सेना में जवानों की भर्ती के लिए नई स्कीम निकाली है. सरकार ने इसे स्कीम को ‘अग्निपथ योजना’ का नाम दिया गया है। इसके तहत जवानों को चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाएगा, जिसमें शुरुआती छह महीने ट्रेनिंग के होंगे हर बैच के 25 फीसदी अग्निवीरों को भारतीय सेना में स्थाई रूप से (15 साल और) रख लिया जाएगा। वहीं बाकी अग्निवीर रिटायर हो जाएंगे। रिटायर होने पर उनको करीब 12 लाख रुपये की जमा राशि भी मिलेगी, जिसके जरिये वे कोई अन्य काम कर सकते हैं।  इसी के विरोध में देश भर में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान कुछ राज्यों के छात्रों ने उग्र होकर सरकारी संपत्ति समेत कई चीजों को आग लगा दी। इसी उग्र प्रदर्शन को काबू करने के लिए पुलिस को सख्त रूप अपनाना पड़ा और कुछ स्थानों पर लाठी भी चार्ज करनी पड़ी। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर यह वीडियो शेयर किया जा रहा है।

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से पता चला कि वायरल वीडियो गलत सन्दर्भ में शेयर किया जा रहा है।  

वायरल वीडियो के साथ शेयर हो रहे दावे की सत्यता जानने के लिए हमने पड़ताल की। यदी सेना के जवानों ने आदेश मिलने पर भी लाठी चार्ज के करने से इंकार कर दिया हो तो यह एक बड़ी खबर है। इसलिए सबसे पहले तो हमने इस संबंध में गूगल पर खोजना शुरू किया। लेकिन खोज के दौरान हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली जहां यह जानकारी दी गयी हो कि सेना के जवानों ने लाठी चार्ज करने से मना कर दिया हो।

आमतौर पर देश में इस तरह के आतंरिक मामलों से किसी भी राज्य की पुलिस निपटती है। इसलिए क्या इस मामले में सेना ने भी दखल दिया है इस बात की जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने गूगल पर खोजना शुरू किया। गूगल पर मिली खबरों से हमें पता चला कि इस मामले में अभी तक पुलिस ने ही निपटा है, सेना ने इस मामले में दखलंदाजी नहीं की। खबरों को यहाँ ,यहाँ , यहाँ पढ़ सकते हैं।

 

इसलिए अब वायरल वीडियो की क्या सच्चाई है इस बात की जानकारी प्राप्त करने के लिए खोजना शुरू किया। वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में बांटा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। जिसके बाद हमें वायरल वीडियो Defence Zone नामक यूट्यूब चैनल पर अपलोड मिला।

https://youtu.be/NpQXAbIqWwk

उपरोक्त प्राप्त 01 मिनट 27 सेकंड के वीडियो को देखने पर हमने जाना कि कुछ प्रदर्शकारी अग्निपथ योजना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे और जिस सड़क पर वह प्रदर्शन कर रहे थे उसी सड़क से गुजर रहे कुछ आर्मी के ट्रकों में बैठे जवानों का अभिवादन करते हुए प्रदर्शनकारी उनके समर्थन में नारे लगा रहे थे। इस वीडियो में कहीं भी लाठी चार्ज करने जैसा कोई दृश्य नहीं है।

पड़ताल के दौरान उपरोक्त मिले तथ्यों से पता चला कि वायरल वीडियो गलत सन्दर्भ में वायरल किया जा रहा है, बता दें न ही सेना ने अग्निपथ योजना के विरोध में चल रहे प्रदर्शन में दखल दिया और न ही सेना ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज करने से इंकार किया।

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button