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नेशनल सीरो सर्वे: देश के दो-तिहाई लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी, करीब 68% आबादी हुई संक्रमित; 40 करोड़ लोगों पर अभी भी वायरस का खतरा

कोरोना वायरस संकट के संकट और तीसरी लेकर के कयास के बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने मंगलवार को हैरान करने वाली जानकारी दी। दरअसल कोविड के लिए की गई राष्ट्रीय सीरो सर्वे के चौथे चरण की रिपोर्ट के बारे में बताते हुए बलराम भार्गव ने कहा कि देश की तिहाई आबादी, लगभग 40 करोड़ लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी नहीं है यानी इतने लोगों पर कोरोना का संकट मंडरा रहा है।

सबसे पहले जाने कैसे आयोजित हुआ ये नेशनल सीरो सर्वे ।

राष्ट्रीय सीरो सर्वे का चौथा चरण जून-जुलाई में 21 राज्यों के 70 जिलों में आयोजित किया गया था। इतना ही नहीं सीरो सर्वे में देशभर के 6-17 वर्ष की आयु के बच्चों को भी शामिल किया गया था। भार्गव ने कहा, ‘चौथे सीरो सर्वे में 6 से 17 साल के 28975 लोगों और 7252 स्वास्थ्यकर्मियों को शामिल किया गया था। इनमें से 62 फीसदी लोगों ने वैक्सीन नहीं ली थी, जबकि 24 फीसदी लोगों ने एक डोज और 14 फीसदी लोगों ने दोनों डोज लिया था।’

ऐसे सैंपल हुए कलेक्ट

बता दे यह सीरो सर्वे 21 राज्यों के उन्हीं 70 जिलों में कराया गया, जहां पहले के तीन सीरो सर्वे हो चुके हैं। इस दौरान हर जिले के 10 गांवों या वार्डों से 40 लोगों के सैम्पल लिए गए। हर जिले से 26 साल तक की उम्र वाले 400 लोग इस सर्वे में शामिल हुए थे। वहीं, सर्वे में शामिल हर जिले और उप-जिले से 100 स्वास्थ्यकर्मियों का सैम्पल लिया गया था। इतना ही नहीं, उन्होंने आगे जानकारी दी कि इस सर्वे में सीरो प्रीवलेंस 67 पर्सेंट पाया गया है। बता दे सर्वेक्षण में शामिल किए गए स्वास्थ्य कर्मियों में 85 प्रतिशत में सार्स-सीओवी-2 के खिलाफ एंटीबॉडी पाई गई है, जबकि स्वास्थ्य कर्मियों में 10 प्रतिशत को अब तक टीका नहीं लगा है।

सीरो सर्वे में में क्या आया सामने?

भारत की लगभग 67.6 फीसदी आबादी में कोविड के खिलाफ एंटीबॉडी बनी है, इसका मतलब हुआ कि ये सभी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। 6-9 वर्ष आयु वर्ग के 57.2 प्रतिशत बच्चों में ये एंटीबॉडी बनी हैं वही, 10-17 वर्ष की उम्र के युवाओं की 61.6 फीसदी आबादी में एंटीबॉडी है। इसके अलावा 18-44 वर्षों में, यह 66.7 फीसदी था। 45-60 वर्ष के आयु वर्ग में 77.6 फीसदी लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी मिली।

टीका लगा चुके लोगों में कितने प्रतिशत मिली एंटीबाडी ?

इधर जिन लोगों में अभी कोविड वैक्सीन का टीका नहीं लगा उनमें कोरोना के खिलाफ 62.3 एंटीबॉडी पाई गई और जिन्होंने पहली डोज ले ली है उनमें से 81 लोगों में एंटीबॉडी मिली। वहीं कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके 89.8 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी पाई गई है।

40 करोड़ ओर अभी भी मंडरा रहा है कोविद का खतरा।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि एक तिहाई जनसंख्या में सार्स-सीओवी-2 एंटीबॉडी नहीं पाई गई, जिसका मतलब है कि करीब 40 करोड़ लोगों को अब भी कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा है।

कई देशों में नहीं बंद किए गए स्कूल, किया जा सकता है विचार।

डॉ बलराम भार्गव ने कहा कि कोविड संक्रमण के दौरान कई देशों में स्कूल बंद नहीं किए गए। ऐसे में कई तरह की पाबंदियों के साथ स्कूल को खोला जा सकता है।

सरकार की जनता से अपील।

इधर कोरोना केस को ध्यान में रखते हुए सरकार ने लोगों से कहा कि सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक समागम से दूर रहें, अनावश्यक यात्रा टालें, और पूरी तरह से टीकाकरण कराने के बाद ही यात्रा करें।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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