NEET-UG 2026 Paper Leak: CBI जांच में हुआ बड़ा खुलासा, पेपर सेट करने वाले शिक्षक ही निकले मास्टरमाइंड
सीबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन शिक्षकों को प्रश्नपत्र बनाने और अनुवाद करने की जिम्मेदारी दी गई थी, उन्होंने ही सवालों को याद करके लीक किया और कोचिंग छात्रों तक पहुंचाया।

नई दिल्ली: NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक का सीधा संबंध उन शिक्षकों से है जिन्हें पेपर तैयार करने और उसका अनुवाद करने का काम सौंपा गया था।
कैसे हुआ खेल?
जांच में सामने आया है कि केमिस्ट्री टीचर पी.वी. कुलकर्णी, फिजिक्स टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे और बायोलॉजी टीचर मनीषा संजय हवलदार को प्रश्नपत्र तैयार करने और उसका मराठी में अनुवाद करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
नियमों के तहत इन्हें सुरक्षित माहौल में रखा जाता था, लेकिन हर दिन घर जाने की अनुमति थी। इसी दौरान इन शिक्षकों ने फाइनल प्रश्नों को याद कर लिया और अपनी मेमोरी के आधार पर उन्हें दोबारा तैयार किया। इसके बाद इन सवालों को ‘बहुत महत्वपूर्ण’ बताकर अपने निजी कोचिंग छात्रों के एक चुनिंदा समूह के साथ साझा कर दिया।
ऐसे फैला पूरा जाल
शिक्षकों द्वारा लीक किए गए ये सवाल आगे चलकर कोचिंग कक्षाओं से बाहर निकल गए। एक स्थानीय ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे ने कुछ छात्रों से ये सवाल हासिल किए। इसके बाद उसने इन्हें टाइप करके एक व्यवस्थित फॉर्मेट दिया और धनंजय निवृत्ति लोखंडे को बेच दिया। आगे चलकर बिचौलियों के एक बड़े नेटवर्क के जरिए इन पर्चों को लाखों रुपये में कई राज्यों में बेचा गया।
13 गिरफ्तार, NTA को बदलाव की सिफारिश
मामला तब सामने आया जब एक अभ्यर्थी को संदिग्ध प्रश्नपत्र मिला और उसने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को इसकी जानकारी दी। इसके बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई।
शिक्षा मंत्रालय ने जांच सीबीआई को सौंपी, जिसने अब तक तीन विषय विशेषज्ञों और ब्यूटीशियन समेत कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई अब NTA को यह सिफारिश करने की तैयारी में है कि भविष्य में प्रश्नपत्र तैयार करने और उसके अनुवाद करने की जिम्मेदारियां अलग-अलग लोगों को दी जाएं।





