IIT Madras & IIT Kanpur Hacking: साइबर सिक्योरिटी कोर्स में रिजेक्ट होने पर भड़का छात्र, दोनों संस्थानों के पोर्टल किए हैक
रिजेक्ट होने के बाद सुर्खियों में आया मामला; हैकर ने संस्थानों की वेबसाइट्स में सेंध लगाकर चयन प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल।

देश के प्रतिष्ठित संस्थानों यानी आईआईटी मद्रास (IIT Madras) और आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। साइबर सिक्योरिटी कोर्स में एडमिशन न मिलने से नाराज एक शख्स ने कथित तौर पर इन दोनों संस्थानों की वेबसाइट्स को हैक कर लिया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।
एडमिशन प्रक्रिया पर उठाए सवाल
रेडिट (Reddit) पर वायरल हुए स्क्रीनशॉट के मुताबिक, आरोपी ने आईआईटी मद्रास के ‘बैचलर ऑफ साइंस इन साइबर सिक्योरिटी’ (BCyber) प्रोग्राम के लिए आवेदन किया था। उसने एप्लीकेशन फीस भरने के साथ अपने सभी जरूरी दस्तावेज और साइबर सिक्योरिटी का काम भी दिखाया था। इसके बावजूद उसे शॉर्टलिस्ट नहीं किया गया।
आरोपी का कहना है कि उसने 13 साल की उम्र से कोडिंग शुरू कर दी थी। उसने अपने पढ़ाई के नंबरों की परवाह किए बिना साइबर सिक्योरिटी सीखने में साल बिताए। उसका आरोप है कि उसकी स्किल्स कई शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों से बेहतर थीं।
“कोई नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं था”
हैकिंग के दौरान छोड़े गए संदेश में उसने लिखा, “मुझे सिर्फ एक निष्पक्ष मौका चाहिए (All I need is just a fair chance)।” आरोपी ने साफ किया कि उसका मकसद किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि वह सिर्फ अधिकारियों का ध्यान खींचना चाहता था।
उसने दावा किया कि उसने पहले आईआईटी कानपुर को कई बार सिक्योरिटी कमियों (Vulnerabilities) के बारे में मेल किया था और अपने आवेदन की समीक्षा की मांग की थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। ईमेल का जवाब न मिलने पर ही उसने यह कदम उठाया।
सर्वर और डेटाबेस एक्सेस करने का दावा
स्क्रीनशॉट में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी ने एडमिनिस्ट्रेटिव सर्वर, डेटाबेस, पेमेंट सिस्टम और सोर्स कोड तक पहुंच बना ली थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। घटना के वक्त कई यूजर्स को वेबसाइट्स पर ‘502 बैड गेटवे’ एरर भी नजर आया था।
इस मामले पर सोशल मीडिया यूजर्स दो हिस्सों में बंटे नजर आ रहे हैं। जहां कुछ लोग इस तरह की हैकिंग को गैरकानूनी बता रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि इससे टैलेंट को परखने की प्रक्रिया में कमियां उजागर हुई हैं।





