CJP Protest: सरकार ने CJP से 4 बार बातचीत की कोशिश की, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह बोले- समाधान के लिए तैयार हैं

CJP Protest News: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने एक बार फिर बातचीत की पेशकश की है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि सरकार अब तक चार बार Cockroach Janta Party (CJP) से संपर्क कर चुकी है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता टकराव नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से इस मुद्दे का हल निकालना है।
सरकार ने चार बार किया संपर्क
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने अब तक CJP नेतृत्व से चार बार बातचीत की पहल की है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से लगातार संवाद की कोशिश की जा रही है ताकि छात्रों और आंदोलनकारियों की चिंताओं का समाधान निकाला जा सके।
उन्होंने कहा कि सरकार अब भी बातचीत के लिए तैयार है और CJP नेतृत्व से चर्चा का आग्रह करती है।
JP नड्डा के घर या कार्यालय में बातचीत का प्रस्ताव
जितेंद्र सिंह ने कहा कि CJP जहां चाहे, वहां बातचीत हो सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बैठक आयोजित की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी सकारात्मक बातचीत के लिए तैयार है और सभी पक्षों को समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
समाधान निकालने की अपील
केंद्रीय मंत्री ने CJP नेतृत्व से अपील करते हुए कहा कि वे बातचीत के लिए आगे आएं ताकि इस मुद्दे का शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक समाधान निकाला जा सके।
उन्होंने कहा कि संवाद किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे प्रभावी माध्यम होता है और सरकार इसी रास्ते पर आगे बढ़ना चाहती है।
CJP का रुख अब भी कायम
हालांकि, CJP पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि उसकी सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
हाल के दिनों में CJP ने यह भी कहा था कि सरकार यदि बातचीत करना चाहती है तो वह जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए।
NEET विवाद पर बढ़ी राजनीतिक हलचल
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विपक्ष लगातार सरकार पर शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने का दबाव बना रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या सरकार और CJP के बीच औपचारिक बातचीत होती है या आंदोलन आगे भी इसी तरह जारी रहता है।





