PM मोदी के बड़े ऐलान के बाद भी खत्म नहीं होगा आंदोलन, CJP ने दोहराई मांग

CJP Protest News: NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों के प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के ऐलान पर Cockroach Janta Party (CJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। संगठन ने कहा कि यह फैसला असली समस्या का समाधान नहीं है और उनकी सबसे बड़ी मांग अब भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को पेपर लीक मामलों की तेजी से सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की थी। हालांकि, CJP ने इसे “ध्यान भटकाने की कोशिश” बताते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
CJP बोला- फास्ट-ट्रैक कोर्ट नहीं, जवाबदेही चाहिए
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि पेपर लीक इसलिए नहीं हो रहे क्योंकि देश में फास्ट-ट्रैक कोर्ट नहीं हैं, बल्कि इसलिए हो रहे हैं क्योंकि परीक्षा प्रणाली सुरक्षित नहीं है और इसकी जिम्मेदारी तय नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि छात्र केवल नए वादे नहीं, बल्कि तत्काल जवाबदेही चाहते हैं। उनके अनुसार, इसकी शुरुआत शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से होनी चाहिए।
रांका ने कहा कि केवल दोषियों को बाद में सजा देने की व्यवस्था बनाना पर्याप्त नहीं है। जरूरत ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाएं ही न हों।
अभिजीत दिपके ने भी साधा निशाना
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान को लेकर तंज कसा। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार अब भी शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने से बच रही है।
दिपके ने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक छात्रों की प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता।
क्या कहा था प्रधानमंत्री मोदी ने?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जो लोग युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करेंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
CJP की प्रमुख मांगें क्या हैं?
संगठन ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि उसका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उसकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं। इनमें शामिल हैं—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
- कथित पेपर लीक से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा
- शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना
- प्रदर्शनकारियों पर कथित कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
आंदोलन जारी रहने के संकेत
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन लगातार जारी है। CJP का कहना है कि सरकार की नई घोषणा के बावजूद उसका रुख नहीं बदला है और आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक जवाबदेही तय नहीं होती। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
इस बीच, NEET पेपर लीक विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और विपक्षी दल लगातार सरकार पर शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने का दबाव बना रहे हैं।






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