असम में बाढ़ का कहर: 21 और लोगों की मौत, 5.64 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। पिछले 24 घंटों में बाढ़ से 21 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही इस साल बाढ़ से जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 31 हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य के 12 जिलों में 5.64 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। सबसे ज्यादा असर शिवसागर जिले में है, जहां करीब 3.6 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इसके बाद जोरहाट और चराइदेव जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शिवसागर और चराइदेव के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात की। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई गांव पूरी तरह पानी में डूबे होने के कारण राहत सामग्री पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। सड़क और संपर्क के साधन बंद होने से प्रशासन अभी हर जगह नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे ही पानी कम होगा, सभी प्रभावित इलाकों तक राहत पहुंचाई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों को किसी तरह की राहत सामग्री की कमी नहीं है। गंभीर रूप से बीमार और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। बाढ़ में खोए जरूरी दस्तावेज भी सरकार दोबारा बनवाने में मदद करेगी। ASDMA के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में शिवसागर में 13, चराइदेव में 5, गोलाघाट में 2 और जोरहाट में 1 महिला की मौत हुई है। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
राज्य में फिलहाल 273 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र चलाए जा रहे हैं, जहां 12,284 विस्थापित लोग रह रहे हैं। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और अन्य एजेंसियों ने अब तक 6,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच चावल, दाल, नमक और सरसों के तेल सहित जरूरी राहत सामग्री भी वितरित की है।
बाढ़ के कारण राज्य के 872 गांव जलमग्न हैं और 24,210 हेक्टेयर से ज्यादा फसल खराब हो चुकी है। कई सड़कें, पुल और तटबंध भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले चार दिनों तक असम के कई इलाकों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
वहीं, ब्रह्मपुत्र समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है। साथ ही करीब 1.85 लाख पालतू पशु और पोल्ट्री भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।





