ईरानी हमलों की कुवैत ने की कड़ी निंदा, तेल संयंत्र और बिजली स्टेशन बने निशाना

कुवैत ने अपने तेल प्रतिष्ठानों, बिजली घरों और पानी को मीठा बनाने वाले संयंत्रों पर हुए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का गंभीर उल्लंघन है।
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ईरान लगातार देश के अहम बुनियादी ढांचे पर हमला कर रहा है, जिससे आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। कुवैत ने इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की और कहा कि देश को अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का पूरा अधिकार है।
कुवैत रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमलों के बाद आग बुझाने और मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। इस दौरान कई दमकलकर्मी और तेल क्षेत्र के कर्मचारी घायल हुए हैं। वहीं, मिसाइलों को रोकने की कार्रवाई के दौरान गिरे मलबे से कुछ रिहायशी इलाकों में संपत्ति को नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी आम नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है।
कुवैत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने बताया कि तेल क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण साइट भी हमले की चपेट में आई। घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और पूरे इलाके को खाली कराकर सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर राहत कार्य शुरू किया गया।
हमलों के बाद पूरे कुवैत में एयर रेड सायरन बजाए गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। सुरक्षा कारणों से कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, जिसके चलते कुवैत एयरवेज ने अपनी उड़ानें रोक दीं। उधर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने ‘ऑपरेशन नस्र-2’ के तहत कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
क्षेत्रीय तनाव का असर अन्य देशों पर भी देखने को मिला। जॉर्डन ने अपने हवाई क्षेत्र में मिसाइल गतिविधि की पुष्टि की, जबकि बहरीन ने भी एयर रेड सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी।





