भारत को मिले 3 नए स्वदेशी युद्धपोत, जानिए INS Dunagiri, INS Sanshodhak और INS Agray क्यों हैं खास

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर भारतीय नौसेना के तीन स्वदेशी युद्धपोतों को राष्ट्र को समर्पित किया। इनमें INS Dunagiri, INS Sanshodhak और INS Agray शामिल हैं। ये तीनों जहाज भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये युद्धपोत केवल जहाज नहीं हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और मजबूत नौसेना के प्रतीक हैं। भारत अब केवल रक्षा उपकरण खरीदने वाला देश नहीं, बल्कि आधुनिक सैन्य तकनीक विकसित करने वाला राष्ट्र बन रहा है।
INS Dunagiri: दुश्मनों के लिए बड़ा खतरा
INS Dunagiri एक अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट (Stealth Frigate) है, जिसे आधुनिक हथियारों और सेंसर सिस्टम से लैस किया गया है। यह जहाज समुद्र में लंबी अवधि तक संचालन करने में सक्षम है और दुश्मन की नजरों से बचते हुए हमला कर सकता है।
इस युद्धपोत में ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल और मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम लगाया गया है, जिससे भारतीय नौसेना की युद्ध क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।
INS Sanshodhak: समुद्र की गहराइयों का वैज्ञानिक प्रहरी
INS Sanshodhak एक सर्वे वेसल (Large Survey Vessel) है, जिसे समुद्री सर्वेक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए तैयार किया गया है। यह जहाज समुद्र की गहराइयों, समुद्री मार्गों और समुद्र तल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने का काम करेगा।
इसमें अत्याधुनिक Autonomous Underwater Vehicles (AUVs) और Remotely Operated Vehicles (ROVs) लगाए गए हैं, जो रक्षा और नागरिक दोनों उद्देश्यों के लिए उपयोगी होंगे।
INS Agray: पनडुब्बियों का शिकारी
INS Agray को विशेष रूप से दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह Arnala Class Anti-Submarine Warfare Shallow Water Craft का हिस्सा है।
इस युद्धपोत में हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और उन्नत सोनार सिस्टम लगाए गए हैं, जो समुद्र की उथली गहराइयों में भी दुश्मन की गतिविधियों का पता लगाने में सक्षम हैं।
आत्मनिर्भर भारत की ताकत बने तीनों युद्धपोत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि INS Dunagiri, INS Sanshodhak और INS Agray पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित किए गए हैं। इनका निर्माण भारतीय इंजीनियरों, उद्योगों और श्रमिकों की मेहनत का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि मजबूत समुद्री शक्ति किसी भी देश की आर्थिक और रणनीतिक ताकत का आधार होती है और भारत अब उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
भारत की समुद्री शक्ति को मिलेगा नया आयाम
इन तीनों युद्धपोतों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की युद्ध क्षमता, समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी ताकत में बड़ा इजाफा होगा। साथ ही यह भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य को भी मजबूत करेगा।
भारतीय नौसेना के बेड़े में इन नए जहाजों की एंट्री को देश की समुद्री सुरक्षा और रक्षा क्षमताओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।





