Iran Nuclear Deal: ट्रंप का बड़ा दावा, ‘ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा’; समझौते को लेकर कई सवाल बरकरार

Washington DC: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने एक नई समझ के तहत कभी भी परमाणु हथियार विकसित नहीं करने पर सहमति जताई है। ट्रंप ने यह बयान ऐसे समय दिया है जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुए नए समझौते को लेकर दुनिया भर में चर्चा तेज है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कहा कि ईरान ने अमेरिका की सबसे महत्वपूर्ण शर्त स्वीकार कर ली है।
ट्रंप बोले- ‘ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा’
डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट में लिखा, “ईरान ने सहमति दी है कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।”
इसके साथ ही उन्होंने उन रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिका ईरान को पुनर्निर्माण के लिए सैकड़ों अरब डॉलर की आर्थिक सहायता देने वाला है। ट्रंप ने इन खबरों को “फेक न्यूज” बताया।
समझौते की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस समझौते को लेकर अभी भी कई अहम सवाल बने हुए हैं।
अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि:
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम की निगरानी कौन करेगा?
- निरीक्षण की जिम्मेदारी किस एजेंसी को मिलेगी?
- ईरान के पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) का क्या होगा?
- समझौते के उल्लंघन की स्थिति में क्या कार्रवाई होगी?
इन मुद्दों पर अभी अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
अगले 60 दिनों तक जारी रह सकती है बातचीत
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हाल ही में हुआ समझौता केवल पहला कदम है। दोनों देशों के प्रतिनिधि अगले 60 दिनों तक विस्तृत बातचीत कर सकते हैं ताकि परमाणु कार्यक्रम पर व्यापक और अंतिम समझौता तैयार किया जा सके।
बताया जा रहा है कि भविष्य के समझौते में प्रतिबंधों में राहत, फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों तक पहुंच और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दे भी शामिल हो सकते हैं।
JD Vance ने क्या कहा?
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान को किसी भी प्रकार की आर्थिक राहत तभी मिलेगी जब वह अपनी सभी जिम्मेदारियों का पालन करेगा।
उन्होंने कहा, “ईरान को एक डॉलर भी तब तक नहीं मिलेगा जब तक वह समझौते की शर्तों को पूरा नहीं करता।”
वेंस ने यह भी दोहराया कि इस पूरे समझौते का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
Netanyahu का भी आया बयान
इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि इजरायल किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
नेतन्याहू ने कहा, “समझौता हो या न हो, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।”
Geneva में हो सकता है औपचारिक हस्ताक्षर
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस समझौते पर इसी सप्ताह स्विट्जरलैंड के Geneva में औपचारिक हस्ताक्षर हो सकते हैं।
स्विट्जरलैंड इस प्रक्रिया में मध्यस्थ और समन्वयक की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान और कतर भी कूटनीतिक स्तर पर इस प्रक्रिया से जुड़े हुए हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच हुआ यह समझौता पश्चिम एशिया की राजनीति में बड़ा मोड़ माना जा रहा है। हालांकि ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, लेकिन समझौते के कई महत्वपूर्ण पहलू अभी भी सार्वजनिक नहीं हुए हैं। ऐसे में दुनिया की नजरें जिनेवा में होने वाले संभावित हस्ताक्षर और आने वाले 60 दिनों की बातचीत पर टिकी हुई हैं।





