Marco Rubio का बड़ा संकेत: “कुछ घंटों में मिल सकती है अच्छी खबर”, US-Iran समझौते पर बढ़ी उम्मीदें

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को लेकर एक बार फिर बड़े कूटनीतिक संकेत सामने आए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा है कि आने वाले कुछ घंटों में दुनिया को “अच्छी खबर” मिल सकती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब US-Iran शांति समझौते और 60 दिन के सीजफायर विस्तार को लेकर बातचीत अंतिम चरण में बताई जा रही है।
क्या कहा Marco Rubio ने?
Marco Rubio, जो इस समय भारत दौरे पर हैं, ने नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि
“मुझे लगता है कि शायद अगले कुछ घंटों में दुनिया को कुछ अच्छी खबर मिल सकती है।”
उनका इशारा संभावित US-Iran डील की ओर माना जा रहा है, जिस पर पिछले कई हफ्तों से बातचीत चल रही है।
US-Iran डील पर क्या है अपडेट?
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच एक अस्थायी शांति समझौते पर चर्चा चल रही है, जिसमें शामिल हैं:
- 60 दिन के सीजफायर का विस्तार
- Strait of Hormuz को दोबारा खोलने का प्रस्ताव
- ईरान को सीमित स्तर पर तेल बिक्री की अनुमति
- क्षेत्रीय तनाव को कम करने की कोशिश
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump पहले ही दावा कर चुके हैं कि यह समझौता “largely negotiated” यानी काफी हद तक तय हो चुका है, लेकिन अंतिम मंजूरी बाकी है।
Strait of Hormuz क्यों है अहम?
Strait of Hormuz दुनिया का एक सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग माना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल आपूर्ति होती है।
इस मार्ग के बंद या बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर बड़ा असर पड़ता है। इसलिए इसे खोलने की बात वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
ईरान का रुख क्या है?
ईरान की ओर से अभी तक इस समझौते पर पूरी तरह सहमति नहीं जताई गई है।
ईरानी पक्ष का कहना है कि:
- उनकी प्राथमिकता युद्ध समाप्त करना है
- परमाणु कार्यक्रम पर सभी दावे सही नहीं हैं
- Strait of Hormuz पर उनका नियंत्रण जारी रहेगा
- प्रतिबंधों और संपत्तियों से जुड़े मुद्दों का समाधान जरूरी है
ट्रंप का दावा और वैश्विक प्रतिक्रिया
Donald Trump ने दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते का मसौदा लगभग तैयार है और जल्द ही इसकी घोषणा हो सकती है।
हालांकि ईरान ने इन दावों पर संदेह जताया है और कहा है कि अभी कई अहम मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।
आगे क्या हो सकता है?
कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कुछ घंटे या दिन इस पूरे मामले में बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं। अगर सहमति बनती है तो यह वैश्विक ऊर्जा बाजार और मध्य पूर्व की स्थिति पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।





