अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर Donald Trump का बड़ा दावा, लेकिन Iran ने जताई असहमति

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में दावा किया है कि US-Iran Peace Deal “काफी हद तक बातचीत” (largely negotiated) के बाद तैयार हो चुकी है। Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी दी कि इस समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
Trump के अनुसार, उन्होंने इस सिलसिले में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और क्षेत्र के अन्य सहयोगियों के साथ भी बातचीत की है। उनका कहना है कि इस प्रस्तावित समझौते के तहत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को फिर से खोल दिया जाएगा।
Iran का रुख और असहमति
Trump के दावों के विपरीत, Iran ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता युद्ध को समाप्त करना है, न कि परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करना, जिसे अभी तक चर्चा में ही नहीं लाया गया है।
Iran के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने Trump के पोस्ट को “प्रचार” (propaganda) करार देते हुए कहा कि परमाणु कार्यक्रम पर Iran ने कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है। इसके अलावा, Iran ने हर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की बात दोहराई है। ईरान का कहना है कि उन्होंने केवल जहाजों की संख्या को युद्ध-पूर्व स्तर पर लाने पर सहमति दी है, लेकिन इसका अर्थ “मुक्त आवाजाही” (free passage) बहाल करना नहीं है।
पाकिस्तान की भूमिका
इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान भी सक्रिय नजर आया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शांति प्रयासों के लिए ट्रंप की सराहना की है और अगले दौर की वार्ता की मेजबानी करने की इच्छा जताई है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने भी इस मुद्दे पर Trump से फोन पर बात की है।
फिलहाल, शांति का यह दावा अभी शुरुआती चरणों में है और इसे अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका, ईरान और अन्य संबंधित देशों के बीच आगे और चर्चा की आवश्यकता है।





