रुपये में ऐतिहासिक गिरावट: डॉलर के मुकाबले 95.63 के पार पहुंचा INR, ईरान संकट से बाजार में मचा हड़कंप

भारतीय मुद्रा बाजार में आज जबरदस्त हलचल देखी गई। मंगलवार, 12 मई 2026 को शुरुआती कारोबार के दौरान भारतीय रुपया (INR) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.63 के अब तक के सबसे निचले रिकॉर्ड स्तर (All-time low) पर गिर गया। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.57 पर खुला था, लेकिन जल्द ही यह फिसलकर ऐतिहासिक गिरावट के स्तर पर पहुँच गया।
गिरावट के मुख्य कारण: वैश्विक तनाव और कच्चा तेल
रुपये में इस भारी गिरावट का सीधा संबंध वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव से है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में घबराहट पैदा कर दी है। ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ जारी संघर्ष पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि “ईरान के साथ युद्धविराम लाइफ सपोर्ट पर है।” उन्होंने तेहरान के शांति प्रस्ताव को “पूरी तरह से अस्वीकार्य” बताते हुए खारिज कर दिया।
इस तनावपूर्ण माहौल के कारण वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में उछाल आया है, जो $105.10 प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं। भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें सीधे तौर पर रुपये की सेहत बिगाड़ रही हैं।
शेयर बाजार और निवेशकों पर प्रभाव
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को भारतीय बाजारों से लगभग ₹8,437.56 करोड़ की इक्विटी बेची, जिससे घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ गया। आज शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 525 अंक और निफ्टी 164 अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम नहीं होता, तब तक डॉलर इंडेक्स (98.14) की मजबूती और तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय रुपये को और कमजोर कर सकती हैं।





