बिजनौर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर ठगी का शिकार बनी महिला, ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर दी जान

बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 28 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली। परिवार का आरोप है कि महिला को साइबर ठग खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लंबे समय से परेशान और ब्लैकमेल कर रहे थे।
मृतका की पहचान मोनिका देवी के रूप में हुई है, जो फरीदपुर भोगी गांव की रहने वाली थीं। सोमवार रात उनका शव घर के कमरे में मिला। घटना के समय उनकी 9 और 11 साल की दो बेटियां पास में सो रही थीं।
पुलिस के मुताबिक, मामला उस वक्त सामने आया जब परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान मोनिका के फोन पर लगातार व्हाट्सऐप वीडियो कॉल आने लगे। परिवार के एक सदस्य ने कॉल उठाया तो सामने पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति दिखाई दिया, जिसने खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताया। इसके बाद परिवार को शक हुआ।
अगली सुबह बच्चों ने अपनी मां को कमरे में बेसुध देखा और परिवार के बाकी लोगों को जानकारी दी। शुरुआत में परिवार को किसी साजिश का अंदेशा नहीं था और उन्होंने पुलिस को सूचना दिए बिना अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी थी।
मौके से मिले सुसाइड नोट में मोनिका ने अपने पति को संबोधित करते हुए लिखा कि वह लंबे समय से एक व्यक्ति द्वारा ब्लैकमेल किए जाने से परेशान थीं। उन्होंने कहा कि अब वह इस तनाव को और छिपा नहीं सकतीं। नोट में उन्होंने पति से बच्चों का ख्याल रखने की अपील की और माता-पिता व भाई-बहनों से माफी भी मांगी।
परिजनों का कहना है कि मोनिका ने सिर्फ 9वीं तक पढ़ाई की थी, जिसकी वजह से वह साइबर अपराधियों के झांसे में आसानी से आ गईं।
पति रणधीर सिंह की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मोनिका के फोन रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप चैट और कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि महिला को कई अलग-अलग नंबरों से कॉल किए जा रहे थे, जिससे एक संगठित साइबर गिरोह के शामिल होने की आशंका है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही है।





