नोएडा में साइबर ठगी: 84 वर्षीय बुजुर्ग से ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 85 लाख रुपए की ठगी

Noida: साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें 84 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी पत्नी को कथित तौर पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ₹85 लाख का चूना लगा दिया गया। पुलिस के अनुसार, यह घटना 7 अप्रैल से 22 अप्रैल के बीच हुई और इस मामले में साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज किया गया है।
पीड़ित, जो सेक्टर 51 के निवासी हैं, ने बताया कि उन्हें 7 अप्रैल को एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बेंगलुरु साइबर सेल का अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि पीड़ित के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर एक मोबाइल खरीदा गया है, जिसका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में हो रहा है।
इसके बाद कॉल को दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर किया गया, जिसने खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जुड़ा बताया। उसने पीड़ित को डराते हुए कहा कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर मामलों में केस दर्ज है।
16 दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा
आरोपियों ने बुजुर्ग को करीब 16 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। इस दौरान उन्हें लगातार डराया-धमकाया गया और कहा गया कि अगर उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, इस दौरान पीड़ित ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तुड़वाकर और शेयर निवेश भुनाकर अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल ₹85 लाख ट्रांसफर कर दिए।
पत्नी को भी दी गई धमकी
आरोपियों ने पीड़ित की पत्नी को भी धमकाया, जो इस तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ के बारे में जानती थीं। जब ठगों ने और ₹1.24 करोड़ की मांग की, तब पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने समझा कि यह एक साइबर फ्रॉड है।
इसके बाद मामले की शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज कराई गई।
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साइबर क्राइम टीम आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस तरह के कॉल या ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे दावों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क करें।





