आंध्र प्रदेश में बिजली वितरण का कायाकल्प: NITI Aayog और APEPDCL ने मिलाया हाथ

आंध्र प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो गई है। नीति आयोग और आंध्र प्रदेश ईस्टर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (APEPDCL) ने राज्य में बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने और वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने के लिए हाथ मिलाया है। विशाखापत्तनम में आयोजित एक विशेष कार्यशाला में इस साझेदारी के मुख्य उद्देश्यों पर विस्तृत चर्चा की गई।
AT&C घाटे को कम करने पर जोर
इस बैठक की अध्यक्षता APEPDCL के सीएमडी पृथ्वीतेज इम्मादी ने की। चर्चा का मुख्य केंद्र AT&C (Aggregate Technical and Commercial) घाटे को कम करना रहा। नीति आयोग के प्रतिनिधियों, जिनमें रॉनी खन्ना और सुश्रुत हेलवटकर शामिल थे, ने इस बात पर जोर दिया कि सर्कल-वार लक्ष्यों को समय पर पूरा करना अनिवार्य है। बिजली की बर्बादी और चोरी को रोकने के लिए यह कदम वित्तीय व्यवहार्यता (Financial Viability) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
स्मार्ट मीटरिंग: भविष्य की तैयारी
केंद्र सरकार के ‘स्मार्ट मीटरिंग’ मैंडेट को लागू करना इस सुधार प्रक्रिया का सबसे बड़ा हिस्सा है। स्मार्ट मीटर न केवल बिजली की खपत की सटीक निगरानी करेंगे, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए बिलिंग प्रक्रिया को भी पारदर्शी बनाएंगे। नीति आयोग इस पूरे प्रोजेक्ट में एक मार्गदर्शक (Think-tank) की भूमिका निभा रहा है, ताकि आंध्र प्रदेश का ऊर्जा परिदृश्य तकनीकी रूप से उन्नत और कुशल बन सके।
यह सहयोग न केवल बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार करेगा, बल्कि राज्य की बिजली कंपनियों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती प्रदान करेगा। यदि ये लक्ष्य समय पर पूरे होते हैं, तो आंध्र प्रदेश देश के अन्य राज्यों के लिए बिजली सुधार के मामले में एक मॉडल बन सकता है।





