साइबर ठगों का नया जाल—NIA अधिकारी बनकर बुजुर्ग से लाखों की ठगी

हैदराबाद: तेलंगाना के बचुपल्ली में 71 साल के एक बुजुर्ग के साथ बड़ा साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर उनसे 43.8 लाख रुपये ठग लिए।
शिकायत के मुताबिक, 31 मार्च को पीड़ित को व्हाट्सऐप पर एक मैसेज मिला, जिसमें खुद को “संजय” बताने वाले व्यक्ति ने कहा कि उनका सिम कार्ड आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहा है। अगले दिन पीड़ित की बात एक अन्य व्यक्ति से कराई गई, जिसने खुद को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) का अधिकारी बताया और उन पर आतंक फंडिंग में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया।
ठगों ने यह भी दावा किया कि मुंबई में छापेमारी के दौरान पीड़ित के नाम का एक डेबिट कार्ड मिला है, जो 2 करोड़ रुपये की अवैध रकम से जुड़ा है। जब पीड़ित ने इन आरोपों से इनकार किया और अपनी स्वास्थ्य समस्या के कारण यात्रा करने में असमर्थता जताई, तो उन्हें “डिजिटल वेरिफिकेशन” के जरिए खुद को निर्दोष साबित करने के लिए कहा गया।
डर और दबाव में आकर पीड़ित ने 10 अप्रैल को ठगों द्वारा दिए गए बैंक खाते में 43.8 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब पैसे वापस नहीं मिले और आरोपी संपर्क से बाहर हो गए, तो उन्होंने साइबराबाद साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।





