
New Delhi: उत्तर भारत के राज्यों में एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से मौसम के पैटर्न में भारी बदलाव आया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में गरज के साथ बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है।
मैदानी इलाकों में पारा गिरा, पहाड़ों पर बर्फ की चादर
पिछले 48 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। हिमाचल के रोहतांग, लाहौल और मनाली में ताजा बर्फबारी के बाद प्रशासन ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से तापमान में 5°C तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे बढ़ती गर्मी से अस्थायी राहत मिली है।
IMD का पूर्वानुमान: अभी और बढ़ेगी आफत
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि एक विक्षोभ अभी सक्रिय है, जबकि दूसरा 7 अप्रैल से दस्तक दे सकता है।
1. जम्मू-कश्मीर: भारी बारिश के कारण भूस्खलन (Landslides) और फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है।
2. पंजाब और राजस्थान: पंजाब के होशियारपुर में बिजली गिरने से एक किशोर की दुखद मौत की खबर है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में भी रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है।
3. चेतावनी: आने वाले हफ्ते में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि (Hailstorms) की संभावना है।
यात्री और किसान रहें सावधान
पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि भूस्खलन और सड़कों के बंद होने की खबरें आ रही हैं। किसानों को भी अपनी फसलों को ओलावृष्टि से बचाने के उचित उपाय करने का सुझाव दिया गया है।





