ट्रम्प का बड़ा दावा “ईरान की नौसेना और वायुसेना अब नहीं बची”

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार रात देश को संबोधित किया। यह उनका पहला प्राइम-टाइम भाषण है, जब अमेरिका और इजरायल ने एक महीने पहले ईरान पर हमले शुरू किए थे। ट्रम्प ने भाषण में ईरान पर हुई कार्रवाई और वहां की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
ईरान की सेना पर भारी प्रभाव और अमेरिका की योजना
राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि ईरान के नेताओं ने हाल की प्रदर्शनकारियों में 45,000 नागरिकों की जानें ली हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरानी सेना अब काफी कमजोर हो गई है। नौसेना पूरी तरह नष्ट हो गई है, वायु सेना बर्बाद हो चुकी है, कई शीर्ष अधिकारी मारे गए हैं और मिसाइल व ड्रोन क्षमताएं भी बहुत कम हो गई हैं।
ट्रम्प ने जनता को भरोसा दिलाया कि अमेरिका अगले कुछ हफ्तों में बेहद सख्त कार्रवाई करेगा और उनका मकसद केवल यह सुनिश्चित करना है कि ईरान लंबे समय तक न्यूक्लियर हथियार बनाने में असमर्थ रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका की सैन्य योजना ईरान से किसी भी समझौते पर निर्भर नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय असर और वैश्विक चिंता
भाषण के तुरंत बाद, इजरायली रक्षा बलों ने जानकारी दी कि ईरान की ओर से कुछ मिसाइलें दागी गई हैं। इस बीच, ट्रम्प ने दुनिया के देशों को संदेश दिया कि अगर उन्हें तेल या गैस चाहिए, तो वे अपने लिए स्वयं व्यवस्था करें, अमेरिका हर समय इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह भाषण प्रशासन की रणनीति और उद्देश्यों को जनता के सामने स्पष्ट करने की कोशिश है। हालांकि, शुरुआती सैन्य कार्रवाई के कई सप्ताह बाद यह भाषण आया, इसलिए जनता पर इसका असर कितना होगा, यह कहना अभी मुश्किल है।
इस भाषण ने एक बार फिर दुनिया की नजरें अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर केंद्रित कर दी हैं और तेल की कीमतों व वैश्विक बाजारों पर इसका असर दिखाई दे रहा है।





