निशिकांत दुबे ने मांगी बिना शर्त माफी, बयान पर मचा था राजनीतिक विवाद

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अपने विवादित बयान को लेकर बुधवार को बिना शर्त माफी मांग ली। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से समझा गया, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुईं।
दरअसल, दुबे ने 27 मार्च को दावा किया था कि ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक, 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और CIA के बीच कड़ी थे। इस बयान के बाद ओडिशा की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया और खासकर बीजू जनता दल (BJD) ने इसका कड़ा विरोध किया।
अब दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से बीजू पटनायक से जोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी नेहरू-गांधी परिवार के संदर्भ में थी, न कि बीजू पटनायक के बारे में। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि बीजू पटनायक एक महान नेता थे और उनका हमेशा सम्मान रहेगा। अगर उनके बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वह इसके लिए दिल से और बिना शर्त माफी मांगते हैं।
पिछले हफ़्ते मीडिया से बात करते हुए मैने नेहरु गॉंधी परिवार के कारनामों के क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भारत के अग्रणी नेताओं में स्थान रखने वाले आदरणीय श्री बीजू पटनायक जी के संदर्भ में मेरी बातों से ग़लत अर्थ निकाला गया । पहले तो यह वक्तव्य मेरा व्यक्तिगत है। नेहरु जी के उपर मेरे…
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) April 1, 2026
क्या था पूरा मामला?
निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था कि 1962 के युद्ध के दौरान नेहरू ने अमेरिका और CIA के साथ मिलकर काम किया और बीजू पटनायक इस पूरे मामले में एक कड़ी की तरह थे।
इस बयान के बाद बीजेडी ने राज्यसभा में विरोध जताते हुए वॉकआउट किया। वहीं, बीजू पटनायक के बेटे और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस बयान को गलत और गैर-जिम्मेदार बताया।
बीजेडी नेता सस्मित पात्रा ने भी विरोध जताते हुए संसदीय समिति से इस्तीफा दे दिया।
हालांकि, दुबे ने यह भी कहा कि उन्होंने कभी भी बीजू पटनायक का अपमान नहीं किया और उनके प्रति हमेशा सम्मान रखा है। उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य सिर्फ नेहरू-गांधी परिवार और कांग्रेस के कामकाज पर सवाल उठाना था।





