Jet Fuel कीमतों में उछाल के बीच सरकार का बड़ा हस्तक्षेप, एयरलाइंस को राहत

वैश्विक स्तर पर बढ़ती तेल कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सरकार ने घरेलू एयरलाइंस को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। जेट फ्यूल (एविएशन टर्बाइन फ्यूल – ATF) की कीमतों में भारी उछाल को देखते हुए सरकार ने हस्तक्षेप कर इसे नियंत्रित किया है, ताकि एयरलाइंस और यात्रियों पर सीधा असर न पड़े।
बुधवार को सरकारी कंपनी Indian Oil Corporation ने पहले अप्रैल के लिए दिल्ली में ATF की कीमत बढ़ाकर 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर कर दी थी। हालांकि बाद में इसे घटाकर 1.04 लाख रुपये प्रति किलोलीटर कर दिया गया।
आंशिक बढ़ोतरी से मिली राहत
सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ परामर्श के बाद तेल कंपनियों ने घरेलू एयरलाइंस के लिए केवल 25% की आंशिक और चरणबद्ध बढ़ोतरी लागू की है, जो लगभग 15 रुपये प्रति लीटर के बराबर है।
इस कदम का उद्देश्य एयरलाइंस पर अचानक बढ़ने वाले खर्च के दबाव को कम करना और टिकट कीमतों में भारी उछाल को रोकना है।
नागरिक उड्डयन मंत्री Ram Mohan Naidu Kinjarapu ने कहा कि यह संतुलित फैसला यात्रियों को राहत देने, एयरलाइंस की आर्थिक स्थिति को संभालने और देश की कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए लिया गया है।
With ATF prices in India—deregulated since 2001 and revised monthly based on international benchmarks, facing extraordinary pressure due to global energy disruptions and the closure of the Strait of Hormuz, a steep increase of over 100% was anticipated from 1 April.
In this…
— Ram Mohan Naidu Kinjarapu (@RamMNK) April 1, 2026
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पूरा असर
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करने वाली एयरलाइंस को वैश्विक बाजार के अनुसार पूरी कीमत बढ़ोतरी का भार उठाना होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, ATF की कीमतों में यह उछाल 100% तक हो सकता था, लेकिन सरकार के हस्तक्षेप से घरेलू बाजार को आंशिक राहत मिली है।
ATF prices in India were deregulated in 2001 and are revised on monthly basis based on a formula of international benchmarks. Due to the closure of Strait of Hormuz and extraordinary situation in global energy markets, price of ATF for domestic markets was expected to increase by…
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) April 1, 2026
एविएशन सेक्टर में ईंधन की लागत कुल संचालन खर्च का लगभग 40% होती है। ऐसे में कीमतों में तेज वृद्धि एयरलाइंस के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है, खासकर तब जब कई अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर एयरस्पेस बंद होने के कारण लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।





