Yahoo Scout: AI के साथ सर्च की दुनिया में याहू की धमाकेदार वापसी

इंटरनेट जगत की दिग्गज कंपनी याहू (Yahoo) एक बार फिर अपनी जड़ों की ओर लौट रही है। सर्च इंजन की दुनिया में अपनी खोई हुई पहचान वापस पाने के लिए याहू ने अपना नया AI-पावर्ड आंसर इंजन ‘स्काउट’ (Scout) पेश किया है। 1990 के दशक के अंत में गूगल से पिछड़ने के बाद, इसे याहू का अब तक का सबसे बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
इतिहास का सबक: जब Yahoo ने गंवाया था गूगल को खरीदने का मौका
आज जहाँ गूगल (Alphabet Inc.) $3.7 ट्रिलियन का साम्राज्य बन चुका है, वहीं याहू का इतिहास चूके हुए अवसरों की कहानी बयां करता है:
1. 1998: Yahoo के पास गूगल को मात्र $1 मिलियन में खरीदने का मौका था, जिसे उसने ठुकरा दिया।
2. 2000-2002: Yahoo ने गूगल को अपने सर्च इंजन के रूप में नियुक्त किया और अनजाने में उसे प्रमोट किया। बाद में $3 बिलियन की बोली लगाई, लेकिन गूगल के संस्थापकों ने $5 बिलियन मांगे और सौदा टूट गया।
3. पतन और पुनर्जन्म: अंततः, 21 साल तक सार्वजनिक कंपनी रहने के बाद याहू को 2017 में वेरिज़ोन ने $4.5 बिलियन में खरीद लिया था।
क्या है Yahoo Scout और यह कैसे काम करता है?
‘स्काउट’ एक पारंपरिक सर्च इंजन नहीं, बल्कि Anthropic की AI तकनीक पर आधारित एक ‘आंसर इंजन‘ है।
1.यह अन्य AI चैटबॉट्स की तरह केवल बातचीत नहीं करता, बल्कि सीधे और सटीक जवाब देता है।
2. यह जवाबों के साथ उन वेबसाइटों के Hyperlinks भी प्रदान करता है, जहाँ से जानकारी ली गई है, जिससे विश्वसनीयता बनी रहती है।
CEO जिम लैनजोन का विजन और IPO की उम्मीद
CEO जिम लैनजोन (Jim Lanzone) के नेतृत्व में याहू ने खुद को ‘प्रॉफिटेबल’ बनाया है। लैनजोन का मानना है कि यदि ‘स्काउट’ पर लगाया गया दांव सही रहा, तो कंपनी 30 साल बाद फिर से स्टॉक मार्केट (IPO) में वापसी कर सकती है। याहू के पास अभी भी 700 मिलियन वैश्विक उपयोगकर्ता हैं, जो इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं।
बड़ी कंपनियों से मुकाबला
याहू का मुकाबला आसान नहीं है। उसे Google Gemini, Microsoft Bing और Perplexity AI से कड़ी टक्कर मिल रही है। हालांकि, याहू को भरोसा है कि उसका फाइनेंस, स्पोर्ट्स और ईमेल का विशाल डेटाबेस ‘स्काउट’ को एक सफल प्लेटफॉर्म बनाने में मदद करेगा।





