ईरान ने बढ़ाई जंग की रफ्तार: 80वीं बार इज़राइल-US ठिकानों को बनाया निशाना

Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने बुधवार को अपने जवाबी अभियान “True Promise 4” के तहत 80वीं बार मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। इस बार निशाने पर इज़राइल के कई रणनीतिक ठिकाने और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस बताए गए हैं।
IRGC के बयान के अनुसार, उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने उत्तरी इज़राइल में “रणनीतिक ठिकानों और सैन्य केंद्रों” को निशाना बनाया। संगठन ने दावा किया कि Safed स्थित इज़राइली सैन्य कमांड, जो उत्तरी सीमा पर ऑपरेशन्स संभालता है, इस हमले का प्रमुख लक्ष्य था।
कई शहरों और सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा
IRGC ने यह भी कहा कि हमले Tel Aviv, Kiryat Shmona और Bnei Brak समेत कई इलाकों में किए गए। इसके अलावा, क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है।
इनमें Ali al-Salem Air Base, Camp Arifjan, Al-Azraq Air Base और Sheikh Isa Air Base शामिल बताए गए हैं।
हालांकि, इन हमलों और नुकसान के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
हेज़बोल्लाह के समर्थन में कार्रवाई
IRGC ने कहा कि यह चरण Hezbollah के इज़राइल के खिलाफ अभियानों के समर्थन में किया गया है और यह एक बड़े जवाबी अभियान का हिस्सा है।
“True Promise 4” ऑपरेशन 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान पर हमले किए गए थे। इसके बाद से IRGC लगातार हमलों की कई वेव लॉन्च करने का दावा कर चुका है।
अमेरिका पर तंज, बातचीत पर सवाल
इस बीच, ईरानी मीडिया से जुड़े Fars News Agency द्वारा साझा एक वीडियो में एक सैन्य प्रवक्ता ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बातचीत को लेकर दिए गए बयानों पर सवाल उठाए।
प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका “खुद से ही बातचीत कर रहा है” और ईरान न तो अमेरिका और न ही इज़राइल के साथ किसी दबाव में समझौता करेगा।
आगे और बढ़ सकता है टकराव
ताजा घटनाक्रम के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ने की आशंका है। लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच क्षेत्र में व्यापक संघर्ष का खतरा बना हुआ है, जिससे वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।





