भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम: 19 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी शुरू

New Delhi: भारत सरकार ने सोमवार से महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की नीलामी के सातवें चरण की शुरुआत कर दी है। इस चरण के तहत देश के विभिन्न राज्यों में फैले कुल 19 खनिज ब्लॉकों को नीलामी के लिए रखा गया है। यह कदम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाओं के बीच भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
क्यों खास हैं ये खनिज?
ये खनिज केवल पत्थर या धातु नहीं हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक की रीढ़ हैं। इनमें लिथियम, ग्रेफाइट, टाइटेनियम, वैनेडियम और दुर्लभ पृथ्वी तत्व (Rare Earth Elements) जैसे महत्वपूर्ण संसाधन शामिल हैं। इन खनिजों का उपयोग मुख्य रूप से स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा और तकनीक, तथा कृषि जैसे क्षेत्रों में होता है। इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी, सौर पैनल, स्मार्टफोन और उन्नत उर्वरकों के निर्माण में इनकी अहम भूमिका है।
नीलामी का सातवां चरण
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री G. Kishan Reddy और राज्य मंत्री Satish Chandra Dubey इस सातवें ट्रेंच का शुभारंभ कर रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, अब तक छह चरणों की नीलामी सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है, जिसमें 46 रणनीतिक ब्लॉक बेचे गए हैं। इस नए चरण में खनन पट्टे (Mining Lease) और कंपोजिट लाइसेंस दोनों शामिल हैं।
आर्थिक और रणनीतिक महत्व
भारत वर्तमान में कई महत्वपूर्ण खनिजों के लिए आयात पर निर्भर है। इस नीलामी के माध्यम से घरेलू उत्पादन बढ़ने से न केवल ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी। ग्लोबल वार्मिंग से लड़ने के लिए ‘नेट ज़ीरो’ के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु ये खनिज भारत की ‘क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन’ रणनीति का अनिवार्य हिस्सा हैं।





