ईरान-इजरायल तनाव चरम पर: IRGC ने 75वीं मिसाइल वेव का दावा किया

Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अपनी ऑपरेशन “True Promise 4” के तहत 75वीं बार मिसाइल हमले किए हैं, जिनमें Israel के सैन्य ठिकानों और Saudi Arabia में मौजूद एक अमेरिकी सुविधा को निशाना बनाया गया। यह जानकारी ईरानी राज्य मीडिया के हवाले से सामने आई है।
‘True Promise 4’ ऑपरेशन के तहत हमले
IRGC के बयान के अनुसार, ये हमले “शहीद कमांडरों” के सम्मान में किए गए और इन्हें इजरायल और अमेरिका की “लगातार आक्रामकता” का जवाब बताया गया है। संगठन ने दावा किया कि इन हमलों में एडवांस्ड बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर गाइड किया गया।
कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा
IRGC ने यह भी कहा कि उसने इजरायली सैनिकों की नई तैनाती और छिपने के स्थानों को कई लोकेशनों पर टारगेट किया है। इसके अलावा, सऊदी अरब में स्थित Prince Sultan Air Base को भी निशाना बनाने का दावा किया गया है, जिसे मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों का एक अहम केंद्र माना जाता है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
आगे और हमलों की चेतावनी
IRGC ने अपने बयान में यह भी कहा कि अमेरिकी और इजरायली बल लगातार निगरानी में हैं और अगर सैन्य संसाधनों को नागरिक क्षेत्रों में छिपाया गया, तब भी वे सुरक्षित नहीं रहेंगे। संगठन ने संकेत दिया कि भविष्य में और भी हमले किए जा सकते हैं।
क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब Iran, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल के हफ्तों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की कई घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा पर असर की आशंका
इस व्यापक संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इसका असर ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह टकराव और बढ़ता है, तो इसका प्रभाव पूरी दुनिया पर देखने को मिल सकता है।





