ईद-उल-फितर पर देशवासियों को शुभकामनाएं: पीएम मोदी, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने दी बधाई

नई दिल्ली: शनिवार को देशवासियों को ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं दी गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि ईद-उल-फितर का यह पावन दिन भाईचारा और दया का संदेश फैलाए। उन्होंने सभी के सुख, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। पीएम मोदी ने लिखा, “ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं। यह दिन सभी के बीच भाईचारा और दया बढ़ाए। सभी खुश और स्वस्थ रहें। ईद मुबारक!”
Best wishes on Eid-ul-Fitr. May this day further brotherhood and kindness all around. May everyone be happy and healthy.
Eid Mubarak!
— Narendra Modi (@narendramodi) March 21, 2026
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी खासकर मुस्लिम समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ट्वीट में कहा कि यह त्योहार संयम, सेवा, परोपकार और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति करुणा का संदेश देता है। उन्होंने देशवासियों से इस अवसर पर समाज और राष्ट्र को मजबूत करने का संकल्प लेने की अपील की।
ईद-उल-फ़ित्र के मुबारक मौके पर सभी देशवासियों, विशेषकर मुस्लिम बहनों और भाइयों को हार्दिक बधाई। यह त्योहार आत्मसंयम, सेवा, परोपकार एवं वंचित वर्गों के प्रति दया का भाव रखने की सीख देता है। आइए इस अवसर पर हम समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने का संकल्प लें।
— President of India (@rashtrapatibhvn) March 21, 2026
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी देशवासियों को ईद की बधाई दी और इस पावन दिन पर सुख, शांति और सौहार्द की कामना की। ईद-उल-फितर रमजान के पवित्र महीने के अंत का पर्व है। रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है और इसे बेहद पवित्र माना जाता है। इस महीने में मुसलमान सुबह जल्दी उठकर ‘सेहरी’ करते हैं और दिनभर रोजा रखते हैं, जिसमें पानी भी नहीं पीते।
Eid Mubarak!
May this auspicious occasion inspire hope, harmony, and compassion, and usher in joy and success.
— Vice-President of India (@VPIndia) March 21, 2026
रोजा के दौरान मुसलमान दिन में पांच बार नमाज अदा करते हैं। इसमें फजर सुबह, जूहर दोपहर, असर शाम को, मग़रिब रोजा खुलने के समय और ईशा रात में शामिल है। रोजा रोज़ाना मग़रिब की नमाज के बाद खुलता है।
रमजान के महीने के अंत में ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन दोस्त और परिवार मिलकर त्योहारी भोजन करते हैं, गिफ्ट्स देते हैं और गरीबों को विशेष दान भी दिया जाता है। इस्लाम में रमजान के दौरान रोजा रखना पांच स्तंभों में से एक माना जाता है।





