
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। ऑरेंज अलर्ट के बीच शुक्रवार को ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। पिछले पांच दिनों से लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण पूरा प्रदेश ठंड की चपेट में आ गया है। मार्च महीने में ही जनवरी जैसी ठंड महसूस की जा रही है।
धौलाधार, रोहतांग दर्रा, पांगी-भरमौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचे इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई। अटल टनल रोहतांग में करीब 90 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फ जमी है। वहीं, कुफरी, नारकंडा, किन्नौर के कल्पा और छितकुल जैसे क्षेत्रों में भी बर्फबारी का असर दिखा। राजधानी शिमला समेत कांगड़ा, मंडी, चंबा, हमीरपुर और ऊना में दिनभर बारिश जारी रही।
ठंड में भारी गिरावट, तापमान लुढ़का
लगातार खराब मौसम के कारण तापमान में बड़ी गिरावट आई है। शिमला में अधिकतम तापमान 8.4 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से काफी कम है। केलांग में तापमान 0.8 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे यह प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान बन गया।
सड़कें बंद, जनजीवन प्रभावित
बर्फबारी और बारिश के कारण प्रदेश में करीब 100 सड़कें बंद हो गई हैं। मनाली-केलांग, आनी-कुल्लू और रामपुर-किन्नौर नेशनल हाईवे भी प्रभावित हुए हैं। अटल टनल और जलोड़ी जोत में भारी बर्फबारी के कारण यातायात ठप हो गया है। मनाली-केलांग सड़क बंद होने से लाहौल का संपर्क बाकी इलाकों से कट गया है और वहां बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई है।
चिनाब नदी पर गिरी बर्फ की चट्टान
लाहौल क्षेत्र में त्रिलोकनाथ के पास पहाड़ी से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरकर चिनाब नदी में जा गिरा। इससे कुछ समय के लिए नदी का बहाव रुक गया और झील जैसी स्थिति बन गई।
उड़ानें रद्द, फसल को नुकसान
खराब मौसम के चलते गगल एयरपोर्ट पर दिल्ली से आने वाली उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि भुंतर एयरपोर्ट से भी लगातार तीसरे दिन कोई फ्लाइट नहीं उड़ी। वहीं, नालागढ़ में बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है।
पर्यटकों की आवाजाही सीमित
भारी बर्फबारी के कारण पर्यटकों के वाहनों को नेहरू कुंड तक ही जाने की अनुमति दी गई है। सोलंगनाला तक ही कुछ वाहन भेजे जा रहे हैं। हालांकि, पर्यटकों ने बर्फबारी के बीच खूब मस्ती भी की।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार और रविवार को ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी और बारिश की संभावना है। साथ ही, 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा भी जताया गया है।
कुल मिलाकर, हिमाचल में मौसम का यह बदला मिजाज जहां लोगों के लिए परेशानी बन रहा है, वहीं सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बना हुआ है।





