लाइफस्टाइल

सत्तू से लेकर छाछ तक: गर्मियों के वरदान हैं ये पारंपरिक भारतीय ड्रिंक्स

भारत में गर्मियां सिर्फ चिलचिलाती धूप और पसीने वाली दोपहरें लेकर नहीं आतीं, बल्कि अपने साथ स्वाद और सेहत से भरपूर शीतल पेयों का खजाना भी लाती हैं। जब पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने लगता है, तब बाजार के वातित पेय (carbonated drinks) शरीर को वह सुकून नहीं दे पाते, जो हमारे पारंपरिक भारतीय पेय देते हैं। ये ड्रिंक्स न केवल शरीर को ठंडा रखते हैं, बल्कि ऊर्जा का पावरहाउस भी हैं।

1. सत्तू: बिहार का ‘देसी प्रोटीन शेक’

सत्तू को ‘गरीबों का बादाम’ और ‘देसी हॉर्लिक्स’ भी कहा जाता है। भुने हुए चने को पीसकर तैयार किया गया सत्तू का शरबत पेट के लिए बेहद हल्का और ठंडा होता है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर और प्रोटीन होता है, जो तपती धूप में शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है और लू (Heatstroke) से बचाता है।

2. छाछ (मट्ठा): पाचन का रक्षक

दही को मथकर तैयार की गई छाछ गर्मियों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। इसमें जीरा पाउडर, काला नमक और पुदीना मिलाकर पीने से न केवल डिहाइड्रेशन दूर होता है, बल्कि यह भारी भोजन के बाद पाचन में भी चमत्कारी रूप से मदद करती है। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों की सेहत के लिए बेहतरीन हैं।

3. आम पन्ना: विटामिन-सी का भंडार

कच्चे आम से बना यह खट्टा-मीठा पेय उत्तर भारत का पसंदीदा समर ड्रिंक है। यह शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बनाए रखने और अत्यधिक पसीने के कारण होने वाली थकान को दूर करने में सहायक है।

4. बेल का शरबत

बेल (Stone Apple) अपनी तासीर में बेहद ठंडा होता है। इसका शरबत कब्ज और गैस्ट्रिक समस्याओं के लिए रामबाण इलाज है। यह भीषण गर्मी में भी शरीर के आंतरिक तापमान को नियंत्रित रखता है।

ये सदियों से हमारी जीवनशैली का हिस्सा रहे हैं। ये पूरी तरह प्राकृतिक हैं, इनमें कोई preservatives नहीं होते और ये बजट में भी आते हैं।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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