नागपुर के गांधी ब्रदर्स की बड़ी जीत, मास्टरशेफ इंडिया 9 की ट्रॉफी की अपने नाम

लोकप्रिय कुकिंग रियलिटी शो मास्टरशेफ इंडिया के सीजन 9 को आखिरकार उसके विजेता मिल गए हैं। नागपुर के रहने वाले भाई विक्रम गांधी और अजिंक्य गांधी ने ग्रैंड फिनाले में शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम कर ली। दोनों भाइयों की जीत ने उनके लंबे और प्रेरणादायक कुकिंग सफर को एक खास मुकाम तक पहुंचा दिया।
फिनाले में ओडिशा की बहनें अंजू और मंजू पहले रनर-अप रहीं, जबकि साई श्री और उनकी मां चंदना दूसरे रनर-अप के रूप में प्रतियोगिता से बाहर हुईं।
विजेता बनने के बाद विक्रम और अजिंक्य को शो की प्रतिष्ठित गोल्डन शेफ कोट के साथ 25 लाख रुपये का नकद इनाम दिया गया। वहीं पहले रनर-अप अंजू और मंजू को लगभग 15 लाख रुपये मिले, जबकि साई श्री और चंदना को करीब 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।
जीत के पीछे मेहनत और अनुभव
विक्रम और अजिंक्य पूरे सीजन में मजबूत प्रतियोगी के रूप में नजर आए। शो में आने से पहले भी दोनों खाने-पीने के कारोबार से जुड़े हुए थे और नागपुर में अपना एक कैफे चलाते हैं। अजिंक्य पेशे से आर्किटेक्ट हैं। उन्होंने सिर्फ 24 साल की उम्र में गोवा में अपना पहला कैफे शुरू किया था। बाद में उन्होंने अपने बड़े भाई विक्रम के साथ मिलकर नागपुर में एक नया कैफे खोला।
वहीं विक्रम का कुकिंग सफर काफी पहले शुरू हो गया था। उन्होंने 19 साल की उम्र में एक छोटा सा कैंटीन खोलकर खाना बनाना शुरू किया था और धीरे-धीरे इसी क्षेत्र में आगे बढ़ते गए।
इस बार शो में था नया “जोड़ी” फॉर्मेट
मास्टरशेफ इंडिया सीजन 9 इस साल जनवरी में शुरू हुआ था। इस बार शो में पहली बार “जोड़ी” फॉर्मेट रखा गया, जिसमें परिवार के सदस्य या पार्टनर एक टीम के रूप में प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे थे।
इस सीजन को मशहूर शेफ विकास खन्ना, रणवीर बराड़ और कुणाल कपूर ने जज किया। पूरे सीजन के दौरान प्रतियोगियों को मिस्ट्री बॉक्स चैलेंज, एलिमिनेशन राउंड और कई कठिन कुकिंग टास्क का सामना करना पड़ा।
इन चुनौतियों में प्रतिभागियों को पारंपरिक भारतीय स्वाद को नए अंदाज में पेश करना था। कई कठिन राउंड के बाद आखिरकार तीन मजबूत टीमें फिनाले तक पहुंचीं, जहां विक्रम और अजिंक्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल कर ली।





