इंडो-अमेरिका व्यापार समझौता किसानों के खिलाफ: राहुल गांधी

भोपाल। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इंडो-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर हमला बोला। उन्होंने इस समझौते को “किसानों के खिलाफ” करार देते हुए सरकार को चुनौती दी कि अगर हिम्मत है तो इसे रद्द करें।
भोपाल में आयोजित ‘किसान महा चौपाल’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि यह समझौता किसानों के लिए “दिल में तीर” जैसा है और इसे बाहरी दबाव में मंजूरी दी गई। उन्होंने दावा किया कि यह समझौता बिना कैबिनेट या वरिष्ठ मंत्रियों की सलाह के अचानक पास किया गया।
गांधी ने कहा कि समझौते को चार महीने तक रोक रखा गया था और अचानक मंजूरी देने के पीछे दो कारण हो सकते हैं। उनका कहना था कि अमेरिका में उद्योगपति गौतम अडानी से जुड़े मामले और “एपस्टीन फाइल्स” का दबाव प्रधानमंत्री पर डाला गया। गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने दबाव में समझौते पर हस्ताक्षर किए और देशहित की अनदेखी की गई।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि समझौते से भारत के कृषि क्षेत्र, डेटा सुरक्षा, कपड़ा उद्योग और आयात नीतियों को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने मोदी सरकार पर संसद में भाग न लेने और युवाओं के विरोध प्रदर्शन को दबाने का भी आरोप लगाया। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्हें लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद बोलने से रोका गया, जबकि वे पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा के संदर्भ में चीन की सीमा पर हुई घटनाओं का जिक्र करना चाहते थे। उनका आरोप था कि उस समय सेना नेतृत्व को अकेला छोड़ दिया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, जो राहुल गांधी के साथ मंच पर मौजूद थे, ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशहित को छोड़ दिया और उन्हें “कायर” कहा। खड़गे ने आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी किसानों, मजदूरों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा जारी रखेगी।





