BSNL ‘Royal Protocol’ Controversy: विवेक बंज़ल के प्रयागराज दौरे पर उठे सवाल

प्रयागराज: भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के वरिष्ठ अधिकारी विवेक बंज़ल के प्रयागराज दौरे के दौरान लीक हुए ‘रॉयल प्रोटोकॉल’ ने सोशल मीडिया और जनता में विवाद पैदा कर दिया। इस प्रोटोकॉल में 50 से अधिक अधिकारियों को तैनात कर, डायरेक्टर और उनके परिवार के लिए अत्यधिक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई थीं।
BSNL Director Vivek Banjal’s ‘royal visit’ to Prayagraj CANCELLED! Over 50 officers had been deployed to handle even the tiniest details including his underwear! 🫣 A full-blown protocol was issued on Feb 19 to ensure he faced zero inconvenience during the trip. All that pomp…… pic.twitter.com/s4TSGljaF5
— The Nalanda Index (@Nalanda_index) February 23, 2026
विवेक बंज़ल कौन हैं?
विवेक बंज़ल, 1987 बैच के भारतीय टेलीकॉम सेवा (ITS) अधिकारी हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक और कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्रीधारी बंज़ल ने 35 साल से अधिक का प्रशासनिक अनुभव हासिल किया है। उन्होंने ITI लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में कार्य किया और फिर BSNL में लौटे।
BSNL ‘Royal Protocol’ विवाद
दस्तावेज़ लीक होने पर पता चला कि उनके दौरे की तैयारी में अधिकारियों को विवेक बंज़ल और उनके परिवार की सुविधा के लिए व्यक्तिगत वस्तुएँ, बाथ किट, अंडरगारमेंट्स, भोजन और परिवहन जैसी व्यवस्थाएँ करनी थीं।
- एयरपोर्ट रिसेप्शन से लेकर निजी आराम तक का प्रबंध
- मेहमानों के लिए Innova कार, ड्राई फ्रूट्स और चॉकलेट
- आधिकारिक समीक्षा और त्रिवेणी संगम में धार्मिक स्नान
यह विवरण सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जनता में गुस्सा भड़का।
सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया
नेटिज़न्स ने सवाल उठाए कि सार्वजनिक संसाधनों का इस तरह उपयोग क्यों किया जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि यह VIP संस्कृति और सार्वजनिक जवाबदेही की कमी को दर्शाता है।
एक रिटायर्ड BSNL उप महाप्रबंधक ने बताया:
“Senior अधिकारी के दौरे पर elaborate arrangements आम हैं। लेकिन आम नागरिकों के लिए यह असामान्य लग सकता है।”
BSNL की आधिकारिक प्रतिक्रिया
वायरल होने के बाद BSNL ने दौरे को रद्द कर दिया और स्पष्ट किया कि यह प्रोटोकॉल केवल आंतरिक समन्वय के लिए था। BSNL ने कहा:
“यह घटना पेशेवर मानकों और BSNL के मूल्यों के अनुरूप नहीं थी। संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और सभी को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।”
VIP संस्कृति पर बहस
यह घटना भारत में सरकारी विभागों में VIP संस्कृति पर बहस को जन्म देती है। सवाल यह है कि क्या सार्वजनिक संसाधनों का उपयोग अधिकारियों की व्यक्तिगत सुविधा के लिए होना चाहिए। BSNL विवाद ने न सिर्फ सोशल मीडिया पर हलचल मचाई बल्कि सरकारी जवाबदेही और संसाधन प्रबंधन पर भी नई बहस छेड़ी।





