AI या नौकरी छोड़ो: गूगल ने कर्मचारियों को दिया विकल्प

गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट ने हाल ही में 2025 में अपने इतिहास में सबसे अधिक राजस्व $400 बिलियन की सूचना दी। अब कंपनी ने उन कर्मचारियों के लिए एक वॉलंटरी एग्जिट (स्वेच्छा से इस्तीफा) कार्यक्रम की घोषणा की है, जो कंपनी के भविष्य के AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) योजनाओं को अपनाने के लिए तैयार नहीं हैं।
गूगल के मुख्य व्यवसाय अधिकारी फिलिप शिंदलर ने एक आंतरिक संदेश में कहा कि ग्लोबल बिज़नेस ऑर्गनाइजेशन (GBO) यूनिट के कुछ कर्मचारी इस वॉलंटरी एग्जिट का विकल्प चुन सकते हैं। GBO यूनिट का काम विज्ञापन, सेवाओं और वैश्विक राजस्व वृद्धि सहित कई संचालन को देखना है। शिंदलर ने कहा कि कंपनी 2026 की शुरुआत में मजबूत स्थिति में है, लेकिन AI का क्षेत्र लगातार बदल रहा है। उन्होंने लिखा, “खेल गतिशील है, गति तेज है और दांव बड़े हैं।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी केवल ऐसे कर्मचारियों के साथ काम करना चाहती है, जो AI और भविष्य की योजनाओं के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हों। जो कर्मचारी इस योजना के साथ पूरी तरह जुड़ने के लिए तैयार नहीं हैं या गूगल छोड़ना चाहते हैं, उनके लिए वॉलंटरी एग्जिट पैकेज उपलब्ध है। यह पैकेज सॉल्यूशंस टीम, सेल्स और कॉरपोरेट डेवलपमेंट जैसे रोल्स के लिए लागू है।
कौन नहीं ले सकता पैकेज?
शिंदलर ने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम का लाभ यूएस की बड़ी कस्टमर सेल्स टीमों और अन्य ग्राहक-संपर्क वाले पदों पर लागू नहीं होगा। उनका कहना था कि ये सभी भूमिकाएँ कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति के लिए महत्वपूर्ण हैं और ग्राहकों पर असर को कम रखने के लिए ये शामिल नहीं हैं।
यह कदम गूगल के पहले किए गए वॉलंटरी बायआउट ऑफ़र्स जैसा है, जो पिछले साल एंड्रॉइड और कोर इंजीनियरिंग डिविज़न और यूके कर्मचारियों के लिए किया गया था। गौरतलब है कि गूगल जैसी कंपनियों में यह ट्रेंड नया नहीं है। अमेज़न, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी अन्य टेक कंपनियों ने भी AI आधारित व्यवसाय मॉडल की ओर बढ़ते हुए कर्मचारियों को इस्तीफा देने के लिए प्रोत्साहन या रिस्टक्चरिंग योजनाएँ लागू की हैं।





