लोकसभा में बजट बहस: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताईं सरकार की प्राथमिकताएं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान सरकार की रणनीतिक प्राथमिकताओं को सदन के सामने रखा। उन्होंने कहा कि इस बजट में श्रम-प्रधान क्षेत्रों को खास प्राथमिकता दी गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें। इसके तहत बायोफार्मा सेक्टर पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।
वित्त मंत्री ने स्टार्टअप्स के विस्तार को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उन्हें बड़े डोमेन और बेहतर इकोसिस्टम उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही उन्होंने साफ किया कि मेगा टेक्सटाइल पार्कों के विकास के लिए केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम करने को पूरी तरह तैयार है।
राजस्व और खर्च के आंकड़े रखे सामने
निर्मला सीतारमण ने बताया कि इस बजट में सकल कर प्राप्तियां 44.04 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के अनुमान से करीब 8 प्रतिशत अधिक है। यानी इसमें लगभग 3.26 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने कहा कि 2026-27 के लिए कुल सरकारी खर्च 53.47 लाख करोड़ रुपये आंका गया है, जो कर प्राप्तियों से अधिक है। वहीं, पूंजीगत व्यय 12.22 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो जीडीपी का 3.1 प्रतिशत है और पिछले अनुमान से 11.5 प्रतिशत ज्यादा है।
राज्यों को फंड ट्रांसफर पर स्पष्टता
बजट पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ने राज्यों को मिलने वाले हिस्से को लेकर भी स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग ने 2018-19 से 2022-23 के बीच केंद्र द्वारा राज्यों को दिए गए फंड का विश्लेषण किया है और पाया है कि यह पूरी तरह आयोग की सिफारिशों के अनुरूप है।
उनके मुताबिक, वित्त आयोग की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन वर्षों में राज्यों को जो भी राशि मिलनी थी, वह दी जा चुकी है। इसलिए राज्यों के लिए किसी तरह के संदेह की कोई गुंजाइश नहीं है।





