प्रदूषण का प्रहार! दिल्ली की हवा ‘खराब’, AQI 294 दर्ज

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के जारी डेटा के मुताबिक, मंगलवार सुबह देश की राजधानी में हवा की क्वालिटी और खराब हो गई, एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बढ़कर 294 हो गया, जिससे दिल्ली ‘खराब’ कैटेगरी में आ गई.
शहर के कई हिस्सों में स्मॉग की एक परत देखी गई, जिससे लोगों, खासकर सांस की बीमारियों से परेशान लोगों में चिंता बढ़ गई.
इलाके के हिसाब से AQI रीडिंग
CPCB के डेटा के मुताबिक, कई मॉनिटरिंग स्टेशनों ने प्रदूषण का बढ़ा हुआ लेवल रिकॉर्ड किया. आनंद विहार में AQI 320, बवाना में 313, चांदनी चौक में 325 और द्वारका सेक्टर 8 में 273 रहा. IGI एयरपोर्ट (T3) पर AQI 224 था.
सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में वज़ीरपुर में 378, रोहिणी में 349, नरेला में 332 और ITO में 355 रहा. पंजाबी बाग में 299 और आरके पुरम में 278 दर्ज किया गया. इंडिया गेट और कर्तव्य पथ के आस-पास के इलाकों में AQI लेवल 355 रहा. अक्षरधाम मंदिर इलाके में 325 दर्ज किया गया, जिसे AQI स्केल के तहत ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में रखा गया है.
सीपीसीबी की वर्गीकरण प्रणाली के तहत, 0-50 के बीच एक्यूआई स्तर को ‘अच्छा’, 51-100 को ‘संतोषजनक’, 101-200 को ‘मध्यम’, 201-300 को ‘खराब’, 301-400 को ‘बहुत खराब’ और 401-500 को ‘गंभीर’ माना जाता है.
मॉनिटरिंग स्टेशनों पर पॉलिटिकल बवाल
हवा की खराब होती क्वालिटी पर पॉलिटिकल रिएक्शन भी हुए. आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली के पॉल्यूशन डेटा के भरोसे पर सवाल उठाया और शहर के ग्रीन और खुले इलाकों में छह नए AQI मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने के BJP सरकार के फैसले की आलोचना की.
AAP दिल्ली स्टेट प्रेसिडेंट सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि इस कदम का मकसद एमिशन कम करने के ठोस उपाय लागू करने के बजाय पॉल्यूशन लेवल को बनावटी तौर पर कम दिखाना है. उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की BJP सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि इस स्ट्रेटेजी से सुधार की गलत सोच बनेगी.
X पर एक पोस्ट में, भारद्वाज ने कहा: “CM रेखा गुप्ता की नई मैनिपुलेशन सामने आई है. सरकार ने अब ग्रीन और खुले इलाकों में नए AQI मॉनिटरिंग स्टेशन लगाए हैं. पॉल्यूशन कम किए बिना, BJP सरकार AQI डेटा में मैनिपुलेशन करेगी और पॉल्यूशन लेवल कम दिखाएगी. इस मैनिपुलेशन के बावजूद CAQM भी चुप है, क्योंकि वहां सभी IAS ऑफिसर केंद्र सरकार द्वारा अपॉइंट किए गए हैं. दिल्ली में, IAS ऑफिसर द्वारा IAS ऑफिसर के लिए बनाया गया सिस्टम चल रहा है.”





