भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, 4–5 दिनों में जॉइंट स्टेटमेंट संभव

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहे द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर अगले 4–5 दिनों में जॉइंट स्टेटमेंट पर साइन हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस समझौते के पहले चरण का कानूनी मसौदा मार्च के मध्य तक सामने आ सकता है।
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं और यह व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस समझौते को लेकर बातचीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फरवरी 2025 की अमेरिका यात्रा के बाद से लगातार चल रही है।
बुधवार को संसद में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि इस समझौते में कृषि और डेयरी सेक्टर पूरी तरह सुरक्षित रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बनी सहमति से दोनों देशों के संवेदनशील और अहम क्षेत्रों के हितों की रक्षा की गई है। गोयल ने कहा कि इस व्यापार समझौते से एमएसएमई, उद्यमियों, कुशल श्रमिकों और उद्योगों के लिए नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने इसे भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम बताया।
ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर मंत्री ने कहा कि भारत की प्राथमिकता हमेशा 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा सुरक्षा रही है और इस समझौते में भी घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत द्वारा व्यापार बाधाएं कम करने के बाद अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ 25% से घटाकर 18% कर दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत अब वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की तलाश कर रहा है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने कहा कि इस समझौते के तहत भारत कई अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर शुल्क शून्य (Zero) करेगा। इनमें मेवे, वाइन, स्पिरिट्स, फल और सब्जियां शामिल हैं। उन्होंने इसे दोनों देशों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।





