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अजित पवार पंचतत्व में विलीन, श्रद्धांजलि देने पहुंचे देश-प्रदेश के बड़े नेता

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के अंतिम संस्कार से पहले विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड और उसके आसपास भारी संख्या में लोग जमा हो गए। स्थिति को संभालने के लिए सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया गया। हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही थी और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही।

अजित पवार का निधन 28 जनवरी की सुबह उस समय हुआ, जब उनका चार्टर्ड लियरजेट विमान बारामती एयरस्ट्रिप के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो पायलट, एक फ्लाइट अटेंडेंट और उनके निजी सुरक्षा अधिकारी विदिप दिलीप जाधव शामिल थे।

पीएसओ विदिप जाधव का अंतिम संस्कार, बेटे ने दी मुखाग्नि

हादसे में जान गंवाने वाले अजित पवार के पीएसओ विदिप दिलीप जाधव का अंतिम संस्कार मंगलवार रात उनके पैतृक गांव सतारा में किया गया। बेहद भावुक माहौल में उनके छोटे बेटे ने मुखाग्नि दी। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों की आंखें नम थीं और पूरे गांव में शोक की लहर दिखाई दी।

अंतिम यात्रा की शुरुआत, शहर भर में उमड़ी भीड़

अजित पवार के अंतिम संस्कार की तैयारियां सुबह से ही शुरू हो गई थीं। उनके पार्थिव शरीर को अहिल्याबाई होल्कर सरकारी मेडिकल कॉलेज से बाहर लाया गया, जहां समर्थकों ने अंतिम दर्शन किए। सुबह करीब 9 बजे उनकी अंतिम यात्रा विद्या प्रतिष्ठान परिसर (गाडिमा) से शुरू हुई। यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, ताकि आम लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें।

सबसे पहले पहुंचे शरद पवार, भावुक होकर दी श्रद्धांजलि

एनसीपी प्रमुख शरद पवार सबसे पहले विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड पहुंचे। उन्होंने अपने भतीजे के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और कुछ देर तक मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। शरद पवार का चेहरा गमगीन था और वे परिवार के सदस्यों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाते नजर आए।

परिवार की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार

अंतिम संस्कार के दौरान अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार और जय पवार मौजूद रहे। पूरे माहौल में शोक छाया रहा। राज्य सरकार की ओर से अजित पवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

नितिन गडकरी पहुंचे, परिवार से की मुलाकात

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी दोपहर के समय विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड पहुंचे। उन्होंने अजित पवार के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया और परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अजित पवार एक मजबूत और दूरदर्शी नेता थे, जिनका योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

राज ठाकरे ने दी श्रद्धांजलि, जताया गहरा दुख

इसके बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे अंतिम संस्कार स्थल पहुंचे। उन्होंने कुछ देर तक पार्थिव शरीर के पास रुककर श्रद्धांजलि दी और पवार परिवार से मिलकर अपनी संवेदना जताई। राज ठाकरे ने कहा कि अजित पवार का जाना महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बड़ा नुकसान है।

प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल ने किया याद

एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री छगन भुजबल भी विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड पहुंचे। दोनों नेताओं ने अजित पवार को जमीनी नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा जनता के हित में काम किया और उनका जाना पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है।

अमित शाह और नितिन नवीन पहुंचे बारामती

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विशेष विमान से बारामती पहुंचे। उनके साथ बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड पहुंचकर अजित पवार के पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की।

कतेवाड़ी गांव में पसरा मातम, गूंजे भावुक नारे

बारामती के पास स्थित कतेवाड़ी गांव में अजित पवार के घर के बाहर सैकड़ों लोग जमा हो गए। स्थानीय ग्रामीण और एनसीपी कार्यकर्ता भावुक नारों के साथ उन्हें याद करते नजर आए। लोग “अजित दादा अमर रहें” और “अजित दादा परत या” जैसे नारे लगाते रहे।

तीन दिन का राजकीय शोक

राज्य सरकार ने अजित पवार के निधन पर तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। अंतिम संस्कार सुबह 11 बजे विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न किया गया।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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