मन की बात: भारत के स्टार्टअप्स, मतदान और संस्कृति पर पीएम मोदी की टिप्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नए साल के अपने पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। यह रेडियो कार्यक्रम का 130वां एपिसोड था। अपने संबोधन में उन्होंने गणतंत्र दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दी और कहा कि 26 जनवरी का दिन हमें संविधान निर्माताओं और उन महान विभूतियों को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने का अवसर देता है जिन्होंने हमारे लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी।
नए वोटर्स के लिए पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री ने युवा वोटरों को उत्साहित करने के लिए कहा कि जैसे हम जन्मदिन मनाते हैं, वैसे ही जब कोई युवा पहली बार वोटर बने, तो पूरे मोहल्ले, गाँव या शहर में उसे बधाई दी जानी चाहिए और मिठाइयां बांटी जानी चाहिए। उनका कहना था कि इससे युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे अपनी जिम्मेदारी को गर्व के साथ निभाएंगे।
भारतीय उत्पाद का ‘टॉप क्वालिटी’ बनाना जरूरी
पीएम मोदी ने युवा उद्यमियों की मेहनत और जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत में AI, स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी और बायोटेक जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि अब हमें ‘क्वालिटी’ पर ध्यान देना होगा। चाहे टेक्सटाइल हो या टेक्नोलॉजी, भारतीय उत्पाद का नाम आते ही दुनिया में उसका उच्चतम दर्जा समझा जाना चाहिए।
भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम
प्रधानमंत्री ने 2016 में शुरू किए गए ‘स्टार्टअप इंडिया’ अभियान का जिक्र करते हुए बताया कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स आज उन क्षेत्रों में काम कर रहे हैं जिनकी कल्पना 10 साल पहले भी मुश्किल थी।
पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी
प्रधानमंत्री ने अयोध्या की तमसा नदी का उदाहरण देते हुए बताया कि प्रदूषण के कारण इसका प्रवाह रुक गया था, लेकिन स्थानीय लोगों ने मिलकर इसे पुनर्जीवित किया और नदी अब फिर से बह रही है।
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में जल संकट से निपटने के लिए ‘अनंत नीरू संरक्षणम प्रोजेक्ट’ की भी उन्होंने सराहना की। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के सहयोग से 10 से अधिक जलाशयों को पुनर्जीवित किया और 7,000 से अधिक पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया।
संस्कृति और नई पीढ़ी के बदलाव
प्रधानमंत्री ने ‘भजन क्लबिंग’ का जिक्र किया, जिसमें युवा आधुनिक माहौल में भजन गाकर भक्ति को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल कर रहे हैं। गुजरात के चन्दनकी गांव की अनोखी परंपरा का भी उन्होंने उल्लेख किया, जहां पिछले 15 साल से लोग घरों में खाना नहीं बनाते और पूरे गांव के लिए सामुदायिक रसोई का आयोजन करते हैं।
भारतीय परिवार की वैश्विक सराहना
प्रधानमंत्री ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए बताया कि UAE ने साल 2026 को ‘ईयर ऑफ द फैमिली’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इससे यह साबित होता है कि भारत की संयुक्त परिवार की परंपरा और संस्कार पूरी दुनिया के लिए सम्मान और प्रेरणा का विषय हैं।





