Davos 2026: “कार्नी के बयान के बाद ट्रंप ने रद्ध किया कनाडा का निमंत्रण”

दावोस (स्विट्ज़रलैंड): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) में गुरुवार को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का आधिकारिक उद्घाटन किया. हालांकि, इस कार्यक्रम के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को इस बोर्ड में शामिल होने का दिया गया निमंत्रण वापस ले लिया.
बोर्ड का उद्देश्य और संरचना
गाज़ा युद्धविराम योजना के हिस्से के रूप में प्रस्तावित यह बोर्ड शुरुआत में युद्ध से तबाह गाज़ा पट्टी के पुनर्निर्माण और प्रशासन की देखरेख के लिए बनाया गया था. लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाते हुए वैश्विक संघर्षों के समाधान तक विस्तारित किया गया है. ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करेगा, हालांकि कुछ सहयोगी देशों को चिंता है कि यह संगठन संयुक्त राष्ट्र का विकल्प बन सकता है.
बोर्ड की अध्यक्षता स्वयं राष्ट्रपति ट्रंप करेंगे. इसमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर जैसे वरिष्ठ राजनीतिक व व्यावसायिक हस्तियां शामिल हैं.
पश्चिमी सहयोगियों की अनुपस्थिति
उद्घाटन समारोह में अमेरिका के प्रमुख यूरोपीय सहयोगियों की उल्लेखनीय अनुपस्थिति रही. फ्रांस, नॉर्वे और स्वीडन ने निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है. स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री ने कहा कि “अभी निमंत्रण स्वीकार करने का समय नहीं आया है.” यूके के विदेश मंत्री यवेत कूपर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भी आमंत्रित किए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ब्रिटेन हस्ताक्षरकर्ताओं में शामिल नहीं होगा.
पुतिन ने गुरुवार को कहा कि मॉस्को बोर्ड में एक अरब डॉलर का योगदान देने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए बिडेन प्रशासन द्वारा जब्त की गई रूसी संपत्तियों की रिहाई आवश्यक होगी.
कार्नी के भाषण से बढ़ा तनाव
कनाडा का निमंत्रण वापस लेने की घोषणा ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर की. इसमें लिखा गया, “प्रिय प्रधानमंत्री कार्नी: कृपया इस पत्र को इस बात का प्रमाण मानें कि बोर्ड ऑफ पीस कनाडा को शामिल करने के संबंध में दिया गया आपका निमंत्रण वापस लिया जा रहा है. यह अब तक का सबसे प्रतिष्ठित वैश्विक नेतृत्व मंच होगा.”
यह कदम दावोस में कार्नी के मंगलवार के भाषण के बाद आया. अपने संबोधन में कार्नी ने नाम लिए बिना अमेरिका की नीतियों पर तीखी टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था, “महाशक्तियों ने आर्थिक एकीकरण को हथियारों के रूप में, टैरिफ को दबाव के साधन के रूप में, वित्तीय ढांचे को जबरदस्ती के लिए और आपूर्ति श्रृंखलाओं को कमजोरियों के रूप में उपयोग करना शुरू कर दिया है.” कार्नी ने कनाडा जैसी “मध्यम शक्तियों” से एकजुट होने और महाशक्तियों के आर्थिक दबाव का विरोध करने की अपील की थी.
कार्नी ने यह भी कहा था, “नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की दुहाई देना बंद करें. ऐसा कुछ नहीं है.”
ट्रंप की प्रतिक्रिया
अपने बुधवार के भाषण में ट्रंप ने कार्नी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “मैंने कल आपके प्रधानमंत्री को देखा. वह बहुत आभारी नहीं थे. लेकिन उन्हें हमारा आभारी होना चाहिए. कनाडा संयुक्त राज्य अमेरिका के कारण जीवित है. याद रखना, मार्क, अगली बार जब आप अपने बयान दें.”
कार्नी ने गुरुवार को जवाब देते हुए कहा, “कनाडा अमेरिका के कारण जीवित नहीं है.”




