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BRICS को नई दिशा देने की तैयारी: जयशंकर ने किया BRICS 2026 ब्रांडिंग का अनावरण

भारत ने मंगलवार को BRICS 2026 की आधिकारिक तैयारियों की औपचारिक शुरुआत करते हुए इसका लोगो और वेबसाइट लॉन्च कर दी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई ब्रांडिंग को जारी किया और कहा कि भारत BRICS देशों के बीच संवाद, सहयोग और समन्वय को और मज़बूत करने पर जोर देगा। भारत 2026 में BRICS की अध्यक्षता संभालेगा, उसी साल इस मंच के 20 साल भी पूरे होंगे।

BRICS 2026 का नया लोगो भारत की सांस्कृतिक पहचान से प्रेरित है। इसमें कमल को आधार बनाया गया है, जो मजबूती और विकास का प्रतीक माना जाता है। लोगो की पंखुड़ियों में BRICS सदस्य देशों के रंग शामिल हैं, जो विविधता के बीच एकता को दर्शाते हैं। इसके केंद्र में ‘नमस्ते’ का प्रतीक है, जो आपसी सम्मान और सहयोग का संदेश देता है। इसका टैगलाइन है— “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” यानी मजबूती, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण।

लोगो के साथ एक विशेष BRICS 2026 वेबसाइट भी लॉन्च की गई है, जहां भारत की अध्यक्षता के दौरान होने वाली बैठकों, कार्यक्रमों, परियोजनाओं और आधिकारिक दस्तावेज़ों से जुड़ी सभी जानकारियां उपलब्ध होंगी।

इस मौके पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि BRICS की अध्यक्षता के दौरान भारत वैश्विक कल्याण को प्राथमिकता देगा, खासकर ऐसे समय में जब यह मंच अपने तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, BRICS अब 11 देशों का एक बड़ा वैश्विक समूह बन चुका है, जो दुनिया की करीब 49.5 प्रतिशत आबादी, लगभग 40 प्रतिशत वैश्विक GDP और 26 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करता है।

शुरुआत में BRICS में ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। बाद में 1 जनवरी 2024 को मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात इसके पूर्ण सदस्य बने। इसके बाद जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी BRICS का पूर्ण सदस्य बन गया। इसके अलावा बेलारूस, बोलीविया, कज़ाखस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा और उज्बेकिस्तान को पार्टनर देशों के रूप में शामिल किया गया है।

BRICS की अवधारणा पहली बार 2001 में सामने आई थी, जब गोल्डमैन सैक्स ने “BRIC” शब्द का इस्तेमाल किया था। बाद में 2006 में इसे एक मंच के रूप में आकार मिला और 2009 में रूस में पहला BRIC शिखर सम्मेलन हुआ। 2011 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद यह BRICS बना।

आज BRICS व्यापार, निवेश, तकनीक, नवाचार और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग का एक अहम मंच बन चुका है। 2026 में भारत की अध्यक्षता में BRICS को और मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक मंच पर उभरती अर्थव्यवस्थाओं की आवाज़ को और प्रभावी बनाने पर खास फोकस रहेगा।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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