अमेरिका की सैन्य कार्रवाई में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो गिरफ्तार, ट्रंप ने साझा की तस्वीर

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका की एक बेहद गोपनीय और नाटकीय सैन्य कार्रवाई में हिरासत में ले लिया गया है। इस कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर मादुरो की एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह हथकड़ी लगाए और आंखों पर पट्टी बांधे अमेरिकी युद्धपोत पर नजर आ रहे हैं। यह मादुरो की गिरफ्तारी की पहली आधिकारिक तस्वीर मानी जा रही है।

तस्वीर में 63 वर्षीय मादुरो ग्रे रंग की स्वेटशर्ट और ट्रैक पैंट पहने हुए दिख रहे हैं। उनके कानों पर बड़े हेडफोन हैं और हाथ में पानी की बोतल है। तस्वीर सामने आते ही दुनिया भर में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई।
बाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका फिलहाल वेनेजुएला का प्रशासन “अस्थायी रूप से संभालेगा”, ताकि वहां सत्ता का सुरक्षित और शांतिपूर्ण हस्तांतरण किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी तेल कंपनियों को वेनेजुएला में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, ताकि वहां के विशाल कच्चे तेल भंडार का उपयोग किया जा सके।
गौरतलब है कि वेनेजुएला पर 2019 से अमेरिकी तेल प्रतिबंध लगे हुए हैं। देश इस समय रोज़ाना करीब 10 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करता है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि तेल से होने वाली आय का इस्तेमाल ड्रग तस्करी, मानव तस्करी, हत्या और अपहरण जैसी आपराधिक गतिविधियों में किया गया।
अमेरिकी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मादुरो को पकड़ने का यह ऑपरेशन कई महीनों की तैयारी का नतीजा था। जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने बताया कि यह एक बेहद जटिल रात्री अभियान था, जिसमें पश्चिमी गोलार्ध में 150 से अधिक अमेरिकी विमान तैनात किए गए।
जनरल केन ने कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस, जिन पर अमेरिका में पहले से आरोप तय हैं, ने कार्रवाई के दौरान आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों को अमेरिकी न्याय विभाग की हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने बताया कि इस मिशन में किसी भी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई।
ट्रंप ने इस मिशन को पूरी तरह सफल बताया। उन्होंने कहा कि यह एक “शानदार ऑपरेशन” था। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कार्रवाई के दौरान कुछ अमेरिकी सैनिक घायल हुए, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
ट्रंप ने खुलासा किया कि वह और उनकी टीम इस डेल्टा फोर्स ऑपरेशन को फ्लोरिडा स्थित अपने निजी क्लब मार-ए-लागो से लाइव देख रहे थे। उन्होंने कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी को न्यूयॉर्क ले जाया जाएगा, जहां उन पर ड्रग और हथियारों से जुड़े मामलों में मुकदमा चलेगा।
इस घटनाक्रम के बाद वेनेजुएला और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अमेरिका समर्थित विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो, जिन्हें पिछले साल नोबेल शांति पुरस्कार मिला था, ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “आज आज़ादी का समय आ गया है।” उन्होंने विपक्षी नेता एडमूंडो गोंजालेज़ उरुतिया से तुरंत राष्ट्रपति पद संभालने की अपील की।
वहीं, वेनेजुएला की सरकार ने इस कार्रवाई को अमेरिका की “गंभीर सैन्य आक्रामकता” बताया और देश में आपातकाल की घोषणा कर दी। रूस और ईरान जैसे वेनेजुएला के सहयोगी देशों ने अमेरिका की कड़ी निंदा की है, जबकि फ्रांस और यूरोपीय संघ जैसे अमेरिकी साझेदारों ने भी चिंता जताई है।





