राफेल के बाद पनडुब्बी तक: रक्षा गतिविधियों में सक्रिय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 28 दिसंबर को कर्नाटक के करवार बंदरगाह से पनडुब्बी के जरिए समुद्री यात्रा करेंगी। यह यात्रा उनकी चार दिवसीय गोवा, कर्नाटक और झारखंड की आधिकारिक यात्रा का हिस्सा होगी। राष्ट्रपति भवन की ओर से शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू 27 दिसंबर की शाम गोवा के लिए रवाना होंगी।
28 दिसंबर को गोवा में कार्यक्रमों के बाद वह कर्नाटक के करवार बंदरगाह पहुंचेंगी, जहां वह पनडुब्बी में सवार होकर समुद्री यात्रा करेंगी। इसके साथ ही वह पनडुब्बी में यात्रा करने वाली देश की दूसरी राष्ट्राध्यक्ष बन जाएंगी। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने 13 फरवरी 2006 को विशाखापत्तनम से पनडुब्बी में समुद्री यात्रा की थी।
राष्ट्रपति मुर्मू रक्षा क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए भी जानी जाती हैं। वह भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति हैं। उन्होंने इस वर्ष 29 अक्तूबर को राफेल विमान में उड़ान भरी थी, जबकि 2023 में वह सुखोई-30 एमकेआई में भी उड़ान भर चुकी हैं।
अपनी यात्रा के अंतिम चरण में राष्ट्रपति मुर्मू झारखंड जाएंगी। सोमवार को वह जमशेदपुर में ओल चिकी लिपि के शताब्दी समारोह में शामिल होंगी। इसके अलावा उसी दिन वह राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर के 15वें दीक्षांत समारोह को भी संबोधित करेंगी। 30 दिसंबर को राष्ट्रपति गुमला में आयोजित अंतरराज्यीय जनसांस्कृतिक समागम ‘कार्तिक यात्रा’ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी।





