दुबई की शाही शादी के बाद उन्नाव के यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी पर ईडी की रेड, करोड़ों की संपत्ति जब्त

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के खजूर गांव का नाम कुछ हफ्ते पहले तब चर्चा में आया था, जब यहां के रहने वाले यूट्यूबर और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर अनुराग द्विवेदी (26) की दुबई में भव्य शादी की खबरें सामने आई थीं। बताया गया था कि उन्होंने अपने परिवार और करीबियों को खास तौर पर दुबई बुलाया था।
लेकिन पिछले हफ्ते यही गांव एक बार फिर सुर्खियों में आ गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने कथित अवैध सट्टेबाजी और जुए से जुड़े मामले में अनुराग के घर छापेमारी की। ईडी की कोलकाता जोनल ऑफिस की टीम ने लखनऊ, उन्नाव और दिल्ली में अनुराग से जुड़े कुल 10 ठिकानों पर तलाशी ली।
ईडी के अनुसार, छापेमारी के दौरान एक लग्जरी लैम्बॉर्गिनी उरुस कार (जिसकी कीमत 4 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है), एक मर्सिडीज, फोर्ड एंडेवर और थार समेत चार महंगी गाड़ियां जब्त की गईं। इसके अलावा करीब 20 लाख रुपये नकद, कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी बरामद हुए हैं।
जांच एजेंसी ने बताया कि जब्त दस्तावेजों से पता चला है कि अनुराग ने दुबई में रियल एस्टेट में निवेश किया है, जो कथित तौर पर हवाला के जरिए किया गया। साथ ही, ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत करीब 3 करोड़ रुपये की चल संपत्ति को फ्रीज किया है, जिसमें बैंक खातों की रकम, फिक्स्ड डिपॉजिट और बीमा पॉलिसियां शामिल हैं।
ईडी का कहना है कि अनुराग फिलहाल दुबई में हैं और उन्होंने एजेंसी की ओर से भेजे गए समन का अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। खजूर गांव के लोगों का कहना है कि उन्हें पहले से ही कुछ गड़बड़ होने का शक था। भित्रेपर ग्राम पंचायत के तहत आने वाले इस छोटे से गांव में करीब 20 घर हैं और यहां के ज्यादातर पुरुष विदेशों में मजदूरी का काम करते हैं।
गांव के निवासी दीपक तिवारी ने बताया, “पिछले महीने करीब 30 लोग उसकी शादी में शामिल होने दुबई गए थे। शादी कितनी भव्य थी, यह तो नहीं पता, लेकिन गांव में खर्च को लेकर खूब चर्चा थी। जब ईडी की टीम आई, तो ऐसा लगा जैसे पूरे गांव से ज्यादा लोग एजेंसी के थे।” एक अन्य ग्रामीण अनिल कुमार ने बताया कि अनुराग 2019-20 तक गांव में ही रहता था। “गांव छोड़ने के बाद भी वह लोगों के संपर्क में रहा, लेकिन किसी को यह नहीं पता था कि वह असल में करता क्या है और इतनी कमाई कैसे करता है।”
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें सिर्फ इतना पता था कि वह सोशल मीडिया पर क्रिकेट से जुड़ा कोई काम करता है। “हमने उसे कभी गांव में क्रिकेट खेलते या बच्चों के साथ बातचीत करते नहीं देखा, लेकिन वह अक्सर महंगी गाड़ियों में घूमता नजर आता था,” एक ग्रामीण ने आरोप लगाया।
अनुराग के इंस्टाग्राम पर करीब 24 लाख फॉलोअर्स हैं, जबकि उनके यूट्यूब चैनल पर 71 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। अपने यूट्यूब चैनल के डिस्क्रिप्शन में उन्होंने खुद को फैंटेसी क्रिकेट एक्सपर्ट बताया है। उनका दावा है कि उन्होंने सिर्फ 300 रुपये से शुरुआत की और आज वह भारत के सबसे बड़े फैंटेसी क्रिकेट खिलाड़ियों में शामिल हैं। हाल ही में उनके वीडियो भारत-दक्षिण अफ्रीका टी-20 सीरीज पर आधारित थे।
अनुराग के पिता लक्ष्मीनाथ द्विवेदी, जो पूर्व ग्राम प्रधान रह चुके हैं, नवाबगंज में एक मेडिकल स्टोर चलाते हैं। उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन कॉल का जवाब नहीं दिया। वहीं, गांव के प्रधान मनोज कुमार ने बताया कि अनुराग का परिवार साधारण पृष्ठभूमि से है और आर्थिक रूप से स्थिर रहा है।
कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि अनुराग की चमक-दमक भरी जिंदगी से प्रभावित होकर गांव के कई लड़कों ने पढ़ाई छोड़ दी। अनुराग ने खुद भी केवल नौवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। गांव वालों का कहना है कि उसके नक्शे कदम पर चलने वाले कई युवक सफल नहीं हो पाए और अब परेशान जिंदगी जी रहे हैं।





