GRAP-IV हटने के बाद भी दिल्ली में लागू रहेगा ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम

दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि GRAP-IV की सख्त पाबंदियां हटने के बाद भी राजधानी में ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नीति लागू रहेगी। पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह अभियान दिल्ली की दीर्घकालिक प्रदूषण नियंत्रण नीति का अहम हिस्सा बना रहेगा।
मंत्री ने बताया कि प्रदूषण जांच केंद्रों पर सख्ती बढ़ाई गई है। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 12 PUC केंद्रों की पहचान हुई, जिन्हें निलंबित कर स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल आपातकालीन उपायों पर नहीं, बल्कि स्थायी समाधान पर जोर दे रही है।
औद्योगिक प्रदूषण पर भी कार्रवाई तेज की गई है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने अब तक 411 उद्योगों को बंद करने के नोटिस जारी किए हैं, जबकि नगर निगम (MCD) ने नियम न मानने पर करीब 400 औद्योगिक इकाइयों को सील किया है।
सरकार निगरानी और नियंत्रण ढांचे को भी मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहर में चार नए ऑटोमैटिक एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने को मंजूरी दी है। इसके अलावा, ऊंची इमारतों पर लगे एंटी-स्मॉग गन को ज्यादा समय तक चलाने की अनुमति दी जाएगी, और संपत्ति मालिकों को डस्ट कंट्रोल के लिए मिस्टिंग सिस्टम लगाने का विकल्प दिया गया है।
ई-वेस्ट प्रबंधन के लिए भी बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली कैबिनेट ने होलंबी कलां में ई-वेस्ट पार्क के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यहां शहर का पहला समर्पित ई-वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा।
यह घोषणाएं ऐसे समय में आई हैं, जब दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है। CPCB के आंकड़ों के अनुसार प्रदूषण स्तर बढ़ने पर CAQM ने GRAP स्टेज-IV के सभी उपाय लागू कर दिए हैं।





